बस्ती में धान खरीद में करोड़ों का घोटाला, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाकी मांग Scam worth crores in paddy purchase in Basti, demand for strict action against culprits
मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर मामले में कार्यवाही की मांग किया। श्री सिंह ने कहा धान खरीद में हुये 5,89,58,200 रूपये के घोटाले की ठीक से जांच होने पर कई अफसर बेनकाब होंगे। यद्यपि जिलाधिकारी की सक्रियता से मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है लेकिन दोषियों की गिरफ्तारी नही हुई। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है और जांच पर उंगलियां उठ रही हैं। उन्होने कहा प्रदेश सरकार व स्थानीय प्रशासन को पूरे मामले का अनावरण सच्चाई जनता के सामने लाना चाहिये जिससे भ्रष्टाचारी हतोत्साहित हों और प्रशासन की पारदर्शिता भी प्रमाणित हो।
भेजे गये ज्ञापन में जिक्र किया गया है कि 18 सहकारी समितियों के क्रय केन्द्र प्रभारियों ने द्वारा साल 2023-24 में 2,563,467 मी.टन धान की खरीददारी कर सम्बन्धित राइस मिलों को नही भेजा गया और करोड़ों की धनराशि गबन कर ली गई। जब प्रकरण चर्चा में आया तो कुछ केन्द्र प्रभारियों ने आनन फानन में धनराशि जमा कर दिया। उनके खिलाफ मुकदमा नही दर्ज कराया गया। जिलाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ‘ज्ञानू’ ने कहा गबन करने के उपरान्त धनराशि जमा कर देने से अपराध कम नही हो जाता। उनके खिलाफ सुसंगत धराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिये।
साथ ही मामले में जो अफसर और कर्मचारी संलिप्त है उनके खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में सहारा के जमाकर्ताओं को भुगतान करने की मांग की गई। आपको बता दें इस सम्बन्ध में लाखों आनलाइन आवेदन हुये हैं लेकिन भुगतान नही किया जा रहा है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से प्रवक्ता मो. रफीक खां, गिरजेश पाल, नर्वदेश्वर शुक्ल, डा. अलोक रंजन वर्मा, गंगा प्रसाद मिश्रा, शौकत अली नन्हू, जिपंस. अनिल कुमार भारती, विश्वनाथ चौधरी, अशोक श्रीवास्तव, आशुतोष पाण्डेय, विनय तिवारी, कृष्णकुमार, सूर्यमणि पाण्डेय, अजय सिंह, रामभवन शुक्ल, सुनील पांडेय, रविन्द्र सिं राजन, ननकू प्रसाद सोनकर, महेन्द्र श्रीवास्तव, शीतला शुक्ल, पूरन चौधरी, अमित सिंह, आनंद निषाद, सुरेन्द्र सिंह, अखिलेश कुमार, मो. शब्बीर, अलीम अख्तर, वाहिद सिद्धीकी, निशान्त श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।













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