विद्या भारती के विद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों की समृद्ध धरोहर हैं Vidya Bharati schools are not just centres of education but also a rich heritage of Indian culture and traditions
बस्ती, 05 दिसम्बर। विद्या भारती के विद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों की समृद्ध धरोहर को संजोने और अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम भी हैं। यहाँ विद्यार्थियों के शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास पर ध्यान दिया जाता है। उक्त बातें शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत के बलिया संभाग निरीक्षक कन्हैया चौबे जी ने कही। वह सरस्वती विद्या मंदिर रामबाग के तीन दिवसीय प्रान्तीय निरीक्षण के दौरान वंदना सभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आधुनिक युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और अनुशासन का होना अति आवश्यक है। उन्होंने वंदना सभा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों में आध्यात्मिकता, राष्ट्रप्रेम और अनुशासन के भाव जागृत करता है। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालय में शैक्षिक और गैर-शैक्षिक गतिविधियों की प्रगति का आंकलन करना, छात्रों और शिक्षकों के बीच संवाद स्थापित करना और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक सुझाव देना है। विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह ने समस्त निरीक्षकों का अतिथि परिचय कराया और अंत में उनके प्रति आभार व्यक्त किया।













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