स्कूल में जमा फीस की रसीद न देने पर डीएम से शिकायत, एसजेपी इ.का. दुबौला का मामला
Complaint to DM for not giving receipt of fees deposited in school, case of SJP I.K. Duboula
बस्ती, 12 दिसम्बर। जिले में शिक्षा माफियाओं की मनमानी से अभिभावक व छात्र छात्रायें त्रस्त हैं। स्थानीय प्रशासन इन पर लगाम लगाने में नाकाम है। चूंकि शिक्षा से बच्च्चों का भविष्य जुड़ा होता है इसलिये अभिभावक मुंह खोलने की हिम्मत नही जुटा पाते और चुपचाप अत्याचार सहन करते हैं। ताजा मामला एक ऐसे अभिभावक से जुड़ा है जो पत्रकार भी हैं। हम बात कर रहे हैं पत्रकार राजकुमार पाण्डेय की। उनके दो बच्चे एस०जे०पी० इंटरनेशनल स्कूल विशुनपुरा दुबौला में 9वीं व 10वीं के छात्र हैं। राजकुमार पाण्डेय ने बताया कि दोनो बच्चो से क्रमशः 2500 और 1000 रुपया सीबीएसई बोर्ड में रजिस्ट्रेशन के नाम पर लिया गया।
रशीद मांगने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य और प्रबंधक जेपी तिवारी ने मना कर दिया। कहा सभी स्कूलों में इसी तरह रजिस्ट्रेशन के नाम पर रुपया वसूला जा रहा है और रसीद नहीं दिया जा रहा, हम भी नहीं देंगे। राजकुमार सिफारिश करते रहे लेकिन रसीद नही दी गई। उन्होने कहा हमारा बच्चा आपके स्कूल में पढ़ता है। जमा की गई फीस का रसीद मांगना हमारा अधिकार है और देना आपका कर्तव्य। लेकिन इसका दबंग प्रधानाचार्य व प्रबंधक पर इसका कोई असर नही हुआ। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रशासनिक संरक्षण में किस तरह शिक्षा माफिया फल फूल रहे हैं। विवश होकर राजकुमार पाण्डेय ने जिलाधिकारी को आनलाइन शिकायती पत्र देकर कार्यवाही की मांग किया है जिससे स्कूलों व शिक्षा माफियाओं की मनमानी पर रोक लगे और लोग शिक्षा के अधिकार का मखौल उड़ाने से बाज आयें।













Post a Comment
0 Comments