किसानों को खिले चेहरे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती
बस्ती, 09 अप्रैल। जनपद बस्ती में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल सामने आई है, जिसने हजारों किसानों की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला दिया है। निजी एवं लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत अब तक 44,425 निःशुल्क बोरिंग कराई जा चुकी हैं। इस महत्वाकांक्षी पहल के जरिए दूर-दराज के गांवों और खेतों तक पानी पहुंचाया गया है, जिससे सिंचाई की पुरानी समस्याओं का समाधान होता नजर आ रहा है।
इस योजना के अंतर्गत 600.24 लाख रुपये की लागत से सिंचाई सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है। इसके परिणामस्वरूप हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को सीधा लाभ मिला है। खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रही है, जो पहले बारिश और पारंपरिक साधनों पर निर्भर रहते थे। इसके साथ ही, भूजल स्तर को ध्यान में रखते हुए 256 गहरे नलकूपों की स्थापना भी की गई है, जिस पर लगभग 541.40 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इन गहरे नलकूपों के जरिए उन क्षेत्रों में भी पानी उपलब्ध कराया गया है, जहां पहले सिंचाई के साधन लगभग न के बराबर थे। इससे सूखा प्रभावित क्षेत्रों में भी अब खेती संभव हो पाई है।
किसानों के अनुसार, पहले उन्हें समय पर सिंचाई न मिलने के कारण फसल उत्पादन में भारी नुकसान उठाना पड़ता था। कई बार फसलें सूख जाती थीं या उनकी गुणवत्ता प्रभावित होती थी। लेकिन अब निःशुल्क बोरिंग और गहरे नलकूपों की सुविधा मिलने से वे समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं, जिससे उत्पादन में वृद्धि हुई है और फसलों की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है। स्थानीय किसान बताते हैं कि इस योजना के बाद उनकी आय में भी सुधार होने लगा है। जहां पहले एक फसल पर ही निर्भरता थी, वहीं अब कई किसान साल में दो से तीन फसलें लेने में सक्षम हो रहे हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
प्रशासन का कहना है कि यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से न केवल कृषि उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आने वाले समय में इस योजना का दायरा और बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता रहा, तो बस्ती जिला कृषि के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकता है। सिंचाई की बेहतर व्यवस्था से फसलों की विविधता बढ़ेगी और किसान आधुनिक खेती की ओर तेजी से अग्रसर होंगे। कुल मिलाकर, बस्ती में शुरू हुई यह सिंचाई क्रांति न केवल किसानों के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि यह ग्रामीण विकास और कृषि समृद्धि की दिशा में एक मजबूत आधार भी तैयार कर रही है।












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