एसपी ऑटोमोबाइल्स की बड़ी जीत,
उपभोक्ता की शिकायत खारिज
बस्ती, 29 अप्रैल। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बस्ती द्वारा पारित एक महत्वपूर्ण निर्णय में जानडियर इंडिया से संबंधित कंपनी तथा एसपी ऑटोमोबाइल्स को बड़ी राहत मिली है। आयोग ने परिवादी द्वारा प्रस्तुत शिकायत को पोषणीय न मानते हुए निरस्त कर दिया। प्रकरण के अनुसार, परिवादी ने आरोप लगाया था कि उसने विभिन्न किस्तों के रूप में बड़ी धनराशि जमा की, लेकिन उसे सही तरीके से ऋण खाते में समायोजित नहीं किया गया और कुछ राशि कर्मचारियों द्वारा हड़प ली गई।
इसके साथ ही वाहन खरीद से संबंधित वित्तीय लेनदेन और किस्त भुगतान को लेकर भी विवाद उठाया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि परिवादी ने जानडियर फाइनेंशियल के माध्यम से ऋण लेकर वाहन खरीदा था और किस्तों के भुगतान में अनियमितता रही। उपलब्ध दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर यह भी स्पष्ट हुआ कि परिवादी द्वारा जमा की गई कुछ धनराशि को ऋण खाते में समायोजित किया गया था, जबकि शेष भुगतान समय से नहीं किया गया, जिसके चलते खाता डिफॉल्टर हो गया।
आयोग ने यह भी माना कि जिन कर्मचारियों पर धन हड़पने का आरोप लगाया गया है, उस संबंध में उपभोक्ता फोरम के बजाय संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराना था। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत ऐसे मामलों का प्रत्यक्ष निस्तारण संभव नहीं है। साथ ही, एसपी ऑटोमोबाइल्स की भूमिका केवल वाहन विक्रेता तक सीमित पाई गई और ऋण लेनदेन से उनका सीधा संबंध नहीं पाया गया। इस आधार पर उनके विरुद्ध भी कोई उपभोक्ता विवाद स्थापित नहीं हुआ। अंततः आयोग ने यह निष्कर्ष निकाला कि परिवादी का वाद उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत पोषणीय नहीं है, इसलिए शिकायत को निरस्त किया जाता है। इस निर्णय के साथ ही जानडियर इंडिया से जुड़ी वित्तीय संस्था और एसपी ऑटोमोबाइल्स को बड़ी जीत मिली है।












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