रूधौली मे अघोषित विद्युत कटौती को
लेकर फूटा गुस्सा, धरना देकर जताया विरोध
बस्ती, 21 मई। रुधौली विद्युत उपकेंद्र पर अघोषित बिजली कटौती को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। लगातार दो-तीन दिनों से हो रही कटौती और घंटों बिजली गुल रहने से नाराज सैकड़ों लोग उपकेंद्र पहुंच गए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरने में शामिल लोगों ने विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए “जेई-एसडीओ की मनमानी नहीं चलेगी” के नारे लगाए।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि भीषण गर्मी में लगातार रोस्टिंग की जा रही है, लेकिन विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही। धरना प्रदर्शन के दौरान लोगों की नाराजगी उस समय और बढ़ गई जब नारेबाजी के बीच एसडीओ विद्युत मौके से गायब हो गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बढ़ती भीड़ और विरोध को देखते हुए अधिकारी उपकेंद्र छोड़कर चले गए। वहीं लोग लगातार उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। प्रदर्शन कर रहे उपभोक्ताओं ने तीन मुख्य मांगें रखीं।
जेई और जिम्मेदार अधिकारियों का रात्रि निवास सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों द्वारा फोन उठाना अनिवार्य किया जाए। अघोषित बिजली कटौती और लगातार रोस्टिंग का कारण स्पष्ट किया जाए। धरने में शामिल लोगों का कहना था कि रातभर बिजली कटौती के चलते आम जनता परेशान रहती है, लेकिन अधिकारी एसी कमरों में बैठकर जनता की पीड़ा नहीं समझ पा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने आवाज उठाई तो उन्हें जेल भिजवाने और “फिंकवा देने” जैसी बातें कही गईं, जिससे लोगों में और आक्रोश फैल गया।
धरना प्रदर्शन में राजकुमार सोनी, दिनेश, विनोद, आदित्य विजय तिवारी, सुजीत सोनी, पंकज सिंह समेत सैकड़ों उपभोक्ता मौजूद रहे। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर विद्युत विभाग के एसडीओ ने सफाई देते हुए कहा कि कुशल लाइनमैनों की कमी के चलते विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अभद्र भाषा और नारेबाजी के माहौल में कोई भी अधिकारी मौके पर आने में असहज महसूस करेगा। पूरा मामला बस्ती जनपद के रुधौली विद्युत उपकेंद्र का बताया जा रहा है, जहां बिजली संकट अब जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है।











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