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लालगंज में सिपाही रामललित की मनबढ़ई से परेशान हैं लोग

लालगंज में सिपाही रामललित की मनबढ़ई से परेशान हैं लोग


बनकटी, बस्ती (बीपी लहरी) लालगंज थाने में तैनात एक सिपाही की मनबढ़ई सिर चढ़कर बोल रही है। मामले की शिकायत करने पर कार्यवाही करने की बजाय महकमें के अफसर उसे बचाने में जुटे है। थाना क्षेत्र के ग्राम अमईपार निवासी सुरेन्द्र बहादुर पुत्र ध्रुप नरायन चौधरी ने 11 जून 2024 को पुलिस अधीक्षक को दिये गये प्रार्थना पत्र में लिखा है कि उसके आराजी गाटा सं.104 के बगल सटा हुआ ग्राम निवासी कुलदीप कुमार पुत्र राम कुमार व राम नयन पुत्र दयाराम का चक है। 


हल्का सिपाही राम ललित यादव की सांठ गांठ से उक्त भूखन्ड में बगैर पैमाईश कराये जबरन उन्होने अवैध कब्जा कर निर्माण करा लिया है। हालांकि उनके निर्माण कराने के पूर्व 27 अप्रैल 2024 को शिकायतकर्ता ने उप जिलाधिकारी सदर को प्रार्थना पत्र देकर विपक्षी के विरुद्ध कार्यवाही की मांग किया था। उप जिलाधिकारी ने थानाध्यक्ष लालगंज को स्पष्ट आदेश दिया था कि बगैर पैमाईश कराये निर्माण कार्य रोकवा दिया जाये। इसके बाद भी सिपाही ने अवैध कब्जा व निर्माण में विपक्षी का साथ दिया। 


मजबूर होकर पीड़ित ने उच्च न्यायालय की शरण ली। अब वह मनबढ़ सिपाही फर्जी मुकदमें में फंसाकर जिंदगी बर्वाद करने की धमकी के अलावा भद्दी भद्दी गालियां देते हुये मुकदमा उठाने के लिये पीड़ित को बाध्य कर रहा है। ग्राम अमईपार का एक अन्य व्यक्ति राघवराम पुत्र हरीराम ने गांव में एक तालाब गाटा सं. 227 का पट्टा करवाकर परिवार के भरण पोषण हेतु छोटी छोटी मछलियों को डालकर लगभग एक साल से बड़े होने का इन्तजार कर रहा था। 


जब मछलियां बढ़़ गयी तो गांव के आधा दर्जन अराजक तत्व एकजुट होकर हल्के के सिपाही राम ललित यादव की शह पर तालाब से मछलियों मारकर बन्दरबांट कर लिया। इसके विरुद्ध राघव राम ने पुलिस अधीक्षक को 11 जून 2024 को प्रार्थनापत्र देकर मामले में उचित कार्यवाही की मांग किया है। लेकिन दुर्भाग्य तो यह है कि पुलिस के उच्चाधिकारी से सुरेन्द्र बहादुर और राघवराम के शिकायत करने के दस दिन बाद भी मामला जस का तस है। नतीजा ये है कि सिपाही का मन काफी बढ़ गया है। सम्पूर्ण आरोपों के मामले में थानाध्यक्ष लालगंज से जब पुलिस का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल नम्बर बन्द मिला।

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