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पशु तस्करों पर मेहरबान है देवरिया पुलिस

पशु तस्करों पर मेहरबान है देवरिया पुलिस




देवरिया, ब्यूरो (ओपी श्रीवास्तव)। देवरिया जिले में पुलिस के शह पर पशु तस्करी में लिप्त वाहन मालिकों की भरपूर चांदी है। आम चर्चा है कि पशु तस्कर देवरिया पुलिस की मिली भगत से प्रतिदिन जिले की सीमाओं से हौकर बिहार में पशुओं को खुलेआम चार पहिया वाहनों पर लाद कर भेजते हैं। बताते हैं कि इस मामले में पुलिस कभी-कभी दिखावा करने के लिए कार्रवाई करती है।


लेकिन बाद में पशु तस्करों से रिश्वत खाकर पशु तस्करों की मदद भी कर देती है। भरोसेमद सूत्रों का कहना है कि गोरखपुर के छपिया नामक स्थान से प्रति मंगलवार एवं शनिवार को पशुओं का बाजार लगता है जहां से पशुओं को खरीद कर बड़े पैमाने पर पशु तस्कर देवरिया जिले के तमाम छोटे मोटे रास्तों से होते हुए विशेषतया बघौचघाट थाने से होकर बिहार निकल जाते हैं। कहते हैं इस मामले में बघौचघाट थाना काफी बदनाम है। चर्चा है कि विशुनपुरा बाजार में एक बड़ा तस्कर से धड़ल्ले से पशु तस्करी करता है। लेकिन थाना से मधूर सम्बन्ध होने के कारण उसके खिलाफ जल्दी कार्रवाई नहीं होती है। 


सूत्रों द्वारा बताया जाता है कि पिछले साल के मई महीने में उक्त पशु तस्कर के वाहन से कोलकाता में कत्ल करने के लिए पशुओं को बिहार भेजा जा रहा था जिसे थाने की पुलिस ने पकड़ा। आरोप है कि तत्कालीन थाना प्रभारी ने वाहन चालक एवं पशु व्यापारी को मुलजिम तो बना दिया लेकिन लगभग एक लाख रुपए रिश्वत खाकर पुलिस ने वाहन मालिक को मुलजिम नहीं बनाया। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर दिया परन्तु वाहन स्वामी को रहस्यमय तरीके से क्लीनचिट दे दिया। देवरिया जिले की नई जिलाधिकारी दिव्यां मित्तल ने आम लोगों ने अनुरोध किया है कि पशु तस्करी के कार्य में लिप्त वाहन मालिकों के खिलाफ भी कठोर की कार्रवाई की जाय। 


इस मामले में माननीय मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि पशु तस्करी में लिप्त जो भी वाहन पाऐ जाए उनके मालिकों के खिलाफ भी कठोर कारवाई किया जाए। बताया जाता है कि प्रदेश के कुछ जिले में पुलिस ने पशु तस्करी पर अंकुश लगाने के दृष्टिकोण से गूंडा व गैगेसटर जैसे धाराओं को वाहन मालिकों के खिलाफ लगाकर कानूनी कार्रवाई की है। लेकिन देवरिया जिले की पुलिस के द्वारा लापरवाहीपूर्वक कार्रवाई नहीं किए जाने से देवरिया में पशु तस्करी में लिप्त वाहन मालिकों कों की भरपूर चांदी है। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि पशु तस्करी के मामले में शामिल वाहन स्वामियों के खिलाफ भी जरूर मुकदमा दर्ज होता है, लेकिन प्रश्न गत उक्त मामले में वाहन स्वामी को मुलजिम नहीं बनाया गया है तो इस संबंध जांच करा कर सम्बंधित थाना प्रभारी एवं वाहन स्वामी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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