मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान चलाकर पूरा किया जायेगा एमएसएमई इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य The target of establishment of MSME units will be achieved by running Chief Minister Youth Entrepreneur Development Campaign.
उक्त जानकारी देते हुए उपायुक्त उद्योग हरेन्द्र प्रताप ने बताया कि योजना हेतु ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जा रहा है। उन्होने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए, आयु 21 से 40 वर्ष, शैक्षिक योग्यता न्यूनतम आठवी पास हो, आवेदक सरकार द्वारा संचालित प्रशिक्षण योजनाओं का लाभार्थी हो या मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानो से कौशल सम्बन्धित सर्टीफिकेट, डिप्लोमा, डिग्री हो, ऐसे अभ्यर्थी पात्र होंगे। मिशन मोड में योजना का क्रियान्वयन में संगठनात्मक ढाँचा जनपद स्तर, राज्य स्तर एवं उच्च स्तर पर गठित समिति के माध्यम से होगा।
जनपद स्तर पर जिला कार्यक्रम प्रबन्धन इकाई (डीपीएमयू) योजना के क्रियान्वयन हेतु उत्तरदायी होगी। उक्त प्रबन्धन इकाई के अध्यक्ष जिलाधिकारी एवं उपाध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी तथा सदस्य सचिव उपायुक्त उद्योग होगें। उन्होने बताया कि जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, बस्ती के साथ-साथ व्यवसायिक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास तथा जिला खादी ग्रामोद्योग विभाग में भी योजना का संचालन किया जायेगा। योजना के संचालन हेतु जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र जिले स्तर पर केन्द्रीय एजेन्सी होगी।
उन्होने बताया कि उद्योग एवं सेवा क्षेत्र की अधिकतम रू0 05.00 लाख तक की परियोजनाओं पर ऋण पर अनुदान निर्धारित किया जायेगा। लाभार्थी को परियोजना लागत अथवा अधिकतम रू0 05.00 लाख, जो भी कम हो, का 10 प्रतिशत मार्जिनमनी सब्सिडी के रूप में दिया जायेगा। यह अनुदान बैंक इण्डेड होगा। परियोजना लागत अथवा अधिकतम रू0 5.00 लाख जो भी कम हो, के सापेक्ष बैंक, वित्तीय संस्था से लिए गये ऋण के शतप्रतिशत व्याज का उपादान वित्तपोषण की तिथि से अगले 04 वर्षों के लिए दिया जायेगा। सीजीटीएमएस कवरेज हेतु आवश्यक धनराशि का वहन भी 04 वर्षों तक राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा।













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