सादगी, इमानदारी की मिसाल थे राजेन्द्र बाबू,- राजेश चित्रगुप्त
Rajendra Babu was an example of simplicity and honesty - Rajesh Chitragupt
बस्ती, 03 दिसम्बर। भारत के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद को उनकी जयंती पर चित्रांश क्लब ने याद किया। कम्पनी बाग स्थित शिविर कार्यालय पर पूर्व जिलाध्यक्ष रत्नाकर श्रीवास्तव की अगुवाई में आयोजित कार्यक्रम में क्लब के सस्थापक राजेश चित्रगुप्त ने कहा कि भारत के इतिहास में राजेन्द्र बाबू जैसा कोई दूसरा नही हुआ। उन्होने सादा जीवन उच्च विचार का आजीवन अपना आदर्श माना और अहंकार या लालच को अपने इर्द गिर्द कोई स्थान नही दिया।
सच्चाई, इमानदारी, भाषा की सरलता और अपने विराट व्यक्तित्व के चलते वे दो बार भारत के राष्ट्रपति चुने गये। बाद में उन्हे भारत रत्न से सम्मानित किया गया। श्री चित्रगुप्त ने कहा चित्रांश परिवार का होने के नाते समूचे कायस्थ समाज को उन पर गर्व है। क्लब के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा राजेन्द्र बाबू का पूरा जीवन सादगी को समर्पित था। सर्वोच्च पद होने के बावजूद उन्होने कभी अहंकार को जीवन आदर्शो में कोई स्थान नही दिया। उनका समूचा जीवन भारतीय राजनेताओं के लिये सबक है। उन्होने कहा राजेन्द्र बाबू के जीवन आदर्शो से लोग प्रेरणा लेते तो राजनीति में इतनी इतनी विषाक्त न होती। इस अवसर जी. रहमान, अनिल कुमार पाण्डेय, दीपू श्रीवास्तव, अमर सोनी, प्रकाश मोहन श्रीवास्तव, अमृतपाल सिंह ‘सनम’, फूलचन्द, सर्वेश यादव, अविनाश गौड़, ड. के.के. प्रजापति आदि मौजूद रहे।













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