2019 के चुनाव में ध्वस्त हो गया था भाजपा का समीकरण,
पंकज चौधरी से जुड़ी हैं भाजपा की उम्मीदें
यूपी डेस्कः पंकज चौधरी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बन चुके हैं। चर्चा है कि अखिलेश यादव के पीडीए फार्मूले को साधने के लिये उनको बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। पंकज चौधरी न केवल कुर्मी हैं, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रभावशाली नेता हैं। यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ से भी उनके संबंध ठीक हैं। राजनीतिक रूप से दोनों एक ही इलाके के हैं। चौधरी का चुनावी सफर 1989 में गोरखपुर से ही शुरू हुआ था। जिस महाराजगंज से वह सातवीं बार सांसद हैं, वह 1989 में गोरखपुर से ही अलग होकर नया जिला बना था। वह पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व के भी करीबी माने जाते हैं।
उनकी छवि विवादों या सुर्खियों में आए बिना काम करने वाले नेता की रही है। चौधरी जमीनी स्तर के नेता हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सबसे ज्यादा चोट सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ही पहुंचाई। उनका ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूला काम कर गया। 2024 के लोकसभा चुनाव में कुर्मी-कोयरी मतदाता एनडीए से बुरी तरह छिटक गए थे। भाजपा को उम्मीद है कि वह सभी को साथ लेकर चल सकते हैं और 2006 व 2027 के चुनावों में अच्छे नतीजे दिला सकते हैं।













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