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नोयडा पुलिस का चोरों से क्या है कनेक्शन



नोयडा पुलिस का चोरों से क्या है कनेक्शन 
गौतमबुद्ध नगर, संवाददाता (ओ पी श्रीवास्तव)।
नोएडा जैसे हाई-फाई जिले में अब पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। चाहे वह किसी व्यक्ति के द्वारा एफआईआर दर्ज करने का मामला हो अथवा किसी प्रकरण की जांच रिपोर्ट को उच्च अधिकारियों को प्रेषित किए जाने का प्रकरण हो पुलिस अक्सर कटघरे में खड़ी दिखाई देती है।


ताज़ा घटनाक्रम में पुलिस ने चोरों को पकड़ा और पुलिस चौकी ले गई। लेकिन बाद में मैनेज कर आरोपियों को छोड़ दिया। मिली जानकारी के अनुसार नोएडा के फेस 3 थाना अंतर्गत गढ़ी चौखंडी के पुस्ता रोड स्थित एक लोहे की दुकान पर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। बताया जाता है कि चोरों ने दो बैटरी दो इनवर्टर सहित करीब 40000 रूपए का सामान सोमवार व मंगलवार की मध्य रात्रि को चुरा लिया। जानकारों का कहना है कि पीड़ित दुकानदार ने अपने स्तर पर पता किया तो उसे जानकारी मिली कि कबाड़ी का काम करने वाले एक व्यक्ति ने चोरी की घटना कारित की है। 


जिस पर पीड़ित दुकानदार सहित बहुत सारे अन्य लोगों ने पुश्ता रोड पर ही स्थित कबाड़ी की दुकान पर जाकर चोरी गए सामान को बरामद कर लिया। साथ ही पुलिस को भी सूचना कर दिया। बताया जाता है कि पुलिस आई और आरोपी कबाड़ी सहित दो अन्य संदिग्ध लोगों को पकड़ कर चौकी पर ले गई। लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया तथा पीड़ित दुकानदार को समझा दिया कि तुम्हारा जब सामान मिल गया है तो अब मुकदमा लिखाने से क्या फायदा है ? दूसरी तरफ चोरी के आरोपित से रिश्वत लेकर उन्हें छोड़ दिया। लोगों का कहना है कि आरोपी कबाड़ी वाला अभी करीब एक महीना पहले भी चोरी के ही एक अन्य मामले में गिरफ्तार हुआ था और जमानत पर छूट कर  आया है। 


आरोप है कि वह आए दिन चोरी की घटनाओं को छोटे छोटे बच्चों से भी करवाता है। जिससे स्थानीय लोग बहुत परेशान हैं। पुस्ता रोड पर रहने वाले लोगों का कहना है कि पुलिस की मिली भगत से कबाड़ी वाले अवैध तरीके से सड़क के किनारे कबाड़ी की दुकान खोल कर अवैध धंधा करते हैं। आए दिन चोरी की घटनाएं होती हैं। लोगों का यह भी आरोप है कि स्थानीय पुलिस वाले कबाड़ियों से हर महीने रिश्वत लेते हैं तथा उनकी मदद करते हैं। इस संबंध में थाना फेज तीन के प्रभारी ने बताया कि मामले की जानकारी है पीड़ित दुकानदार द्वारा कोई शिकायती प्रार्थना पत्र नहीं दी गई है। जबकि एसीपी नोएडा सेन्ट्रल ने बताया कि वह इस मामले को दिखवाते हैं।


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