लालगंज पुलिस ने एक्शन लिया होता
तो मजबूर बाप के सुसाइड की नौबत न आती
बनकटी, बस्ती। अविवाहिता के अपहरण के एक मामले में पुलिस फरियादी की शिकायत के बावजूद मुकदमा दर्ज न कर गुनहगारों पर मेहरबान है। पुलिस की निष्क्रियता के बाद गुनहगारों ने फरियादी को भद्दी भद्दी गालियों से नवाजा जान-माल की धमकी दी। अपमान से आहत फरियादी बाप ने आत्म हत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर कर लिया।
यह मामला आरोपियों औक्र पुलिस के गठजोड़ को उजागर करता है। मामला लालगंज थाने का है। थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग को उसी गांव के एक युवक बहला फुसलाकर अपने तीन सहयोगियों के सहयोग से भगा ले गया। घटना 22 दिसम्बर 2025 की रात लगभग 11 बजे की है। पूरी जानकारी होने पर लगभग पचास वर्षीय फरियादी बाप ने दूसरे दिन 23 दिसम्बर 2025 को लालगंज थाने पर जाकर प्रार्थना पत्र देकर चार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का पुलिस से अनुरोध किया। लेकिन पीड़ित बाप के प्रार्थना पत्र देने के बावजूद मामले को पुलिस ने दर्ज नहीं किया।
मजबूर बाप थाने से वापस लौट आया। इसकी जानकारी जब आरोपियों को हुई तो उन्होने पीड़ित बाप को भद्दी गालियों से नावाजा, जान-माल की धमकियां दी। इस तरह अपमान का घूंट पीकर जिंदा रहना एक बाप के लिये मुश्किल हो गया और उसने मौत को गले लगा लिया। उसने 23 दिसम्बर की शाम लगभग साढ़े सात बजे फांसी लगा लिया। शव का पोस्ट मार्टम कराने के बाद 25 दिसम्बर को मृतक के पुत्र ने मामले की लिखित शिकायत जब थाने पर दिया तब जाकर पुलिस ने मुकदमा चारों आरोपियों को निरुद्ध किया गया। इस मामले में माना जा रहा है कि यदि पीड़ित फरियादी बाप के प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सक्रियता दिखाया होता तो पीड़ित बुजुर्ग बाप अपमानित होकर अपनी जीवन लीला समाप्त नहीं करता। इस दोहरे अपराध के लिए क्षेत्र में पुलिस को भी जिम्मेदार माना जा रहा है।













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