नोयडाः प्लाट में भरे पानी में डूबने से छात्र की मृत्यु
गौतम बुद्ध नगर सवाददाता (ओ पी श्रीवास्तव)। नोएडा के सेक्टर 150 स्थित एक भूखंड के बेसमेंट में पानी भरा होने की वजह से बीते जनवरी महीने में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की डूब कर मौत हो जाने का ममला अभी शांत नही हुआ कि प्लाट में भरे पानी में डूब जाने से एक छात्र की मृत्यु हो गयी। इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण की बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई है।
बताया जाता है कि नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारियों तथा अधिकारियों को उक्त प्लाट में अधिक पानी भरे होने की पूरी और अच्छी तरीके से जानकारी थी। कहा जाता है कि इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने अधीनस्थों से उचित करवाई करने का निर्देश दिया था। लेकिन अधीनस्थों ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी के आदेश का पालन नहीं किया। परिणाम स्वरूप छात्र की डूबने से एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
सूत्रों द्वारा बताया जाता है कि प्राधिकरण में काम करने वाले कुछ अधिकारी मुख्य कार्यपालक अधिकारी के आदेशों को रद्दी समझते हैं एवं उनके द्वारा जारी किए गए निर्देशों को रद्दी की टोकरी में फेंक देते है। इस संबंध में सूत्रों का कहना है कि प्राधिकरण में कुछ अधिकारियों ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी को बदनाम करने तथा जनता की नजर में गिराने के उद्देश्य से एक काकश तैयार किया है। जिसमें कुछ राजनीतिक लोग भी शामिल हैं और उन्हीं के इशारे पर जानबूझकर ऐसे कृत्य किए जा रहे हैं ताकि श्री कृष्णा बदनाम हो। कुछ दिनों पहले सफाई कर्मचारियों द्वारा किए गए हड़ताल इसका जीता जागता उदाहरण है।
सूत्र बताते हैं कि इसी तरह से मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने पिछले दिनों सेक्टर 121 में ग्राम गढ़ी चौखनडी में स्थित पुश्ता रोड पर प्राधिकरण की अधिसूचित/ अर्जित एवं ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में अवैध तरीके से निर्मित मकान और बड़े-बड़े बिल्डिंगों को धवस्तीकरण किए जाने के संबंध में अनुपालन हेतु आदेश दिया था। लेकिन प्राधिकरण के गैर जिम्मेदार कर्मचारियों ने अपने ही विभाग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के आदेशों का पालन नहीं किया। जिसका परिणाम यह हुआ कि पुराने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई तो दूर तमाम मकान और बड़ी-बड़ी बल्डिंगे अवैध तरीके से रोज़ भ्रष्ट व लापरवाह कर्मियों की वजह से निर्मित हो रही है।
नोएडा के सेक्टर 150 स्थित एक भूखंड के बेसमेंट में पानी भरा होने की वजह से बीते जनवरी महीने में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की डूब कर मौत हो जाने का ममला अभी शांत भी नहीं पाईं थीं कि इसी तरह की एक और घटना हो गई। जिसमें एक छात्र की प्लाट में भरे पानी में डूब जाने से मृत्यु हो गयी। इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण की बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई है। बताया जाता है कि नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारियों तथा अधिकारियों को उक्त प्लाट में अधिक पानी भरे होने की पूरी और अच्छी तरीके से जानकारी थी। कहा जाता है कि इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने अधीनस्थों से उचित करवाई करने का निर्देश दिया था।
लेकिन अधीनस्थों ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी के आदेश का पालन नहीं किया। परिणाम स्वरूप छात्र की डूबने से एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सूत्रों द्वारा बताया जाता है कि प्राधिकरण में काम करने वाले कुछ अधिकारी मुख्य कार्यपालक अधिकारी के आदेशों को रद्दी समझते हैं एवं उनके द्वारा जारी किए गए आदेशों/ निर्देशों को रद्दी की टोकरी में फेंक देते है। इस संबंध में सूत्रों का कहना है कि प्राधिकरण में कुछ अधिकारियों ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी को बदनाम करने तथा जनता की नजर में गिराने के उद्देश्य से एक काकश तैयार किया है।
इसमें कुछ राजनीतिक लोग भी शामिल हैं और उन्हीं के इशारे पर जानबूझकर ऐसे कृत्य किए जा रहे हैं ताकि श्री कृष्णा बदनाम हो। कुछ दिनों पहले सफाई कर्मचारियों द्वारा किए गए हड़ताल इसका जीता जागता उदाहरण है। सूत्र बताते हैं कि इसी तरह से मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने पिछले दिनों सेक्टर 121 में ग्राम गढ़ी चौखनडी में स्थित पुश्ता रोड पर प्राधिकरण की अधिसूचित/ अर्जित एवं ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में अवैध तरीके से निर्मित मकान और बड़े-बड़े बिल्डिंगों को धवस्तीकरण किए जाने के संबंध में अनुपालन हेतु आदेश दिया था। लेकिन प्राधिकरण के गैर जिम्मेदार कर्मचारियों ने अपने ही विभाग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के आदेशों का पालन नहीं किया। जिसका परिणाम यह हुआ कि पुराने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई तो दूर तमाम मकान और बड़ी-बड़ी बल्डिंगे अवैध तरीके से रोज़ भ्रष्ट व लापरवाह कर्मियों की वजह से निर्मित हो रही है।












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