बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास पर हुई चर्चा
सिद्धार्थ नगर, उ.प्र.। जिले को बाल श्रम उन्मूलन व बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला टास्क फोर्स की बैठक श्रम विभाग द्वारा जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सर्वेक्षण के दौरान चिन्हित किए जा रहे बाल श्रमिकों का तत्काल पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही ऐसे बच्चों की सूची शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनका विद्यालयों में नामांकन कराकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियो को निर्देशित किया कि जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, इसके साथ ही बाल श्रम मुक्त सिद्धार्थनगर बनाने में मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान को सहयोग प्रदान करे। बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि बच्चों के हित में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्रोबेशन विभाग के माध्यम से बाल श्रमिकों एवं उनके परिवारों तक पहुंचाया जाए।
वहीं, शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे। उन्होंने बाल श्रम उन्मूलन के लिए नियमित अभियान चलाने और प्रभावी मॉनिटरिंग करने पर जोर दिया। इस अवसर पर स्वयंसेवी संस्था मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान द्वारा तैयार जागरूकता सामग्री पोस्टर, स्टिकर एवं सरकारी योजनाओं से संबंधित बुकलेट का जिलाधिकारी द्वारा विमोचन भी किया गया। बैठक में सहायक श्रमायुक्त ओम प्रकाश, श्रम प्रवर्तन अधिकारी उज्ज्वल कुमार त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी नौगढ़ राहुल सिंह, विवेकानंद मिश्रा, बीएसए शैलेश कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय सिंह, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष अपर्णा श्रीवास्तव, मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान जिला समन्वयक प्रसून शुक्ला, जिला सलाहकार जय प्रकाश, चाइल्डलाइन समन्वयक सुनील उपाध्याय, संरक्षण अधिकारी विवेक मालवीय, एएचटी प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र सिंह, निरीक्षक रामा प्रसाद, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।











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