बस्ती, 29 जुलाई। मंडी की सांसद कंगना रनौत ने जंतर मंतर के प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग को जेनरेशन गटर कहा है। उनके इस बयान को लेकर देशभर से प्रतिक्रियायें आ रही हैं। इसी कड़ी में बस्ती के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं मछुवारा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजबहादुर निषाद ने कहा कि कंगना के बयानों को कोई गंभीरता से नही लेता। छात्रों के प्रदर्शन को पूरी दुनियां ने गंभीरता से लिया और पूरी सरकार हिल गई, यहां तक कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। अब युवाओं मे सरकार की छबि सुधारने और डैमेज कन्ट्रोल के लिये भाजपा नेता अनेकानेक कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, इससे युवाओं की ताकत और लोकतंत्र मे मिले अधिकारों की कीमत सबको समझनी चाहिये।
लेकिन कंगना पार्टी के प्रयासों पर खुद पानी डाल रही हैं। उन्हे नही मालूम कब कौन सी बात कहनी चाहिये। कंगना को शर्म आनी चाहिये ओर इसका ज्ञान होना चाहिये कि परंपरा मोदी सरकार ने ही शुरू की थी, अब युवा सरकार को उसी की भाषा मे जवाब दे रहे हैं। अब युवाओं की आवाज नही दबेगी, सरकार को हर मामले मे जवाबदेही तय करनी होगी। जिला सचिव सीमा निषाद ने कहा कंगना को यह मालूम होना चाहिये उन्होने सांसद का चुनाव अपनी लोकप्रियता नही बल्कि ग्लैमर के दम पर जीता है।
पिछले 12 सालों से जिस युवा पीढी को सरकार ने दबाकर रखा था अब वे जाग चुके हैं और अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। सरकार जब भी मनमानी पर उतरती है, लोकतांत्रिक मूल्य हाशिये पर हो जाते हैं, पारदर्शिता खत्म हो जाती है, न्याय पर भी सवाल उठने लगते हैं, स्वायत्त संस्थायें सिर्फ हुकुम बजाती हैं तो हर युग मे युवा सड़क पर उतरा है और इस युग मे यही हो रहा है। यह कोई हैरानी की बात नही है। भाषा को लेकर आपत्ति जताने से पहले कम से कम भाजपाइयों को यह सोचना चाहिये कि जर्सी गाय, 50 करोड़ की गर्लफ्रेण्ड, 100 करोड़ का दामाद, बार डांसर किसने कहा था।












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