प्रेमी ने चचेरी बहन को उतारा मौत के घाट, लिव इन का दबाव बना रही थी
जिला संवाददाता, बिजनौर (फैसल खान) 23 सितंबर की सुबह पुलिस को नूरपुर थाना क्षेत्र के आलमपुर एडवा गांव मे गन्ने के खेत में अज्ञात महिला की लाश मिली थी। महिला का शव आधा जला हुआ था और उसके पास एक बच्ची रो रही थी। बच्ची को इलाज के लिये अस्पताल मे भर्ती कराया और शव की शिनाख्त कराने मे जुट गई।
एसपी देहात महेश गौतम ने मामले का खुलासा करते हुये बताया कि यू ट्यूब पर वीडियो देखकर महिला का पति अनिल कुमार सामने आया और और शव की पहचान पत्नी ऊषा और उसके पास मिली बच्ची की पहचान बेटी के रूप मे की। उसने नीरज नाम के युवक पर शक जताया जो महिला का चचेरा भाई था। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुये मृतका के चचेरे भाई नीरज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पूछताछ मे सामने आया है कि शादी से बंचने के लिये प्रेमी ने अपनी प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया।
प्रेमिका शादीशुदा थी, वह अपने प्रेमी से लिव इन मे रहने की जिद करने लगी तो प्रेमी ने उसे रास्ते से हटाने का मन बना लिया। कातिल नीरज ने पुलिस को बताया कि ऊषा से उसकी मुलाकात छः महीने पहले हुई थी। दोनों आपस में समाज से छिपते छिपाते मिलते रहे। ऊषा नीरज सें बेपनाह मोहब्बत करती थी और उसकी जिंदगी मे हमेशा के लिये आना चाहती थी। इसलिये वह उसके ऊपर बीवी को छोड़कर उसके साथ लिव इन मे रहने का दबाव बनाने लगी। प्रेमिका से पीछा छुड़ाने के लिये कातिल प्रेमी नीरज ने कमरा लेने के बहाने उसको बुलाया।
19 सितंबर की रात नीरज ऊषा और उसके दोनों बच्चों को हरिद्वार ले गया था। वहां से लौटने के बाद 20 सितंबर को वे नूरपुर के एक होटल में ठहरे। 22 सितंबर की रात नीरज ऊषा और बच्चों को पिकअप गाड़ी में बैठाकर आलमपुर एडवा जंगल ले गया। वहां उसने ऊषा का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। बच्ची का गला दबाया उसकी आवाज बंद हो गई, नीरज ने उसे मरा समझकर छोड़़ दिया लेकिन वह बंच गई और बाद मे मां के शव के पास बैठकर रोने लगी। नीरज ने महिला के बेटे को मुरादाबाद अपने किसी रिश्तेदार के यहां पहुचा दिया। पुलिस ने उसे भी सकुशल बरामद किया है।





Post a Comment
0 Comments