आरटीओ आफिस का भ्रष्टाचार: फार्म बेंचकर मालामाल हो रहे बिचौलिये
बस्ती, 09 अक्टूबर। आरटीओ आफिस के भ्रष्टाचार पर लगाम कसने मे तेज तर्रार आईएएस परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन भी नाकाम रहे। यहां तू डाल डाल हम पात पात की कहावत चरितार्थ हो रही है, इसलिये भ्रष्टाचार मे लिप्त लोग सख्ती होने पर नया रास्ता अख्तियार कर लेते हैं। सूत्रों की मानें तो बड़े अफसर पर जब चाबुक चलता है तो शासन मे लेनदेन कर मामले को दबा दिया जाता है।
नाम न सार्वजनिक करने की शर्त पर एक पीड़ित ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस के रिवीवल के नाम पर 400 रूपये की जगह 2,400 रूपये लिये जा रहे हैं। जानकारी मिली है कि भारी वाहनों के लाइसेंस मे फार्म 5 (ए) जमा करना होता है। फार्म 5 (ए) का मतलब एक ‘ईंधन की बचत करने वाली ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रमाण पत्र’ से है। यह भारी वाहनों (ट्रक, बस, डंपर) के ड्राइविंग लाइसेंस के रिनीवल मे जमा किये जाते हैं। हैरानी इस बात की है कि यह फार्म एक बाहरी व्यक्ति अपनी जेब मे लेकर घूमता है। जिसको जरूरत होती है दो हजार रूपये देता और फार्म पा जाता है।
इसमे एक हजार रूपया आफिस मे सुविधा शुल्क देना होता है और एक हजार रूपया फार्म बेंचने वाले की जेब मे चला जाता है। इस प्रकार भारी वाहनों के लाइसेंस रिनीवल मे चालक को 400 की जगह 2,400 रूपया देना पड़ रहा है। इस भ्रष्टाचार को अंजाम देने के लिये पूरा एक रैकेट सक्रिय है। सरकार ने अधिकांश सरकारी कामकाज को आनलाइन कर दिया है। मंशा थी कि इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
लेकिन जालसाजों ने मोटी रकम कमाने का दूसरा रास्ता बना लिया। जानकार बताते हैं कि कुछ पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को मैनेज कर जेब भरी जा रही है। सवाल ये है कि आरटीओ आफिस के भ्रष्टाचार पर आज तक लगाम क्यों नही लग पाया, कहीं लगाम लगाने वाले भी तो करप्शन का हिस्सा नही बन गये हैं। फिलहाल पूरे मामले मे आरटीओ फरीउद्दीन से उनका पक्ष जानने के लिये फोन किया गया, लेकिन उन्होने फोन उठाना उचित नही समझा और न ही काल बैक किया।
आरटीओ आफिस का भ्रष्टाचार: फार्म बेंचकर मालामाल हो रहे बिचौलिये
October 09, 2026
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