अधिवक्ताओं की देवरिया डीएम से तनातनी, कलेक्ट्रेट परिसर में बुलाई गई फोर्स
देवरिया ब्यूरो, 19 जून। जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह एवं अधिवक्ता संघ के बीच बुधवार को जमकर नोकझोंक हुई। दोनों तरफ से हुई वाद विवाद के बाद अधिवक्ता लामबंद होकर जिलाधिकारी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हंगामा देख कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस फोर्स बुला ली गई। मौके पर पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा सहित भारी संख्या में पुलिस के जवान पहुंच गये। कलेक्ट्रेट परिसर में नव निर्मित तीन मंजिला अधिवक्ता चैंबर बनाया गया है।
इसमें ग्राउंड फ्लोर पर अधिवक्ताओं के लिए चैंबर देने के लिए प्रशासन की तरफ से सहमति बनी है। उधर अधिवक्ताओं का कहना है कि पूरी बिल्डिंग अधिवक्ताओं की है। प्रशासन का कहना है कि प्रथम एवं द्वितीय तल पर सरकारी विभागों के कार्यालय खोले जाएंगे। इसी मुद्दे को लेकर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सिंहासन गिरी बुधवार को अपने पदाधिकारियों के साथ जिलाधिकारी से मिलने के लिए उनके चेंबर में पहुंचे थे। वहां वार्ता के दौरान बात बिगड़ गई। दोनों तरफ से तू-तू मैं-मैं हुआ। इस संबंध में सिंहासन गिरी ने कहा कि जिलाधिकारी के पद पर इस तरह के आईएएस ऑफिसर का बने रहना न्याय की हत्या करने के समान है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जिलाधिकारी चोर है तथा यह लाखों रुपया घूस खुले आम लेता है।
जबकि इस संबंध में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि सिंहासन गिरी का आरोप बिल्कुल निराधार है। वह अपने व्यक्तिगत भूमि के लिए आए थे। उनका आरोप है कि उनकी भूमि पर सड़क बना दी गई है। जिला अधिकारी श्री सिंह ने कहा कि इसके अलावा सिंहासन गिरी अधिवक्ता चेंबर के लिए भी बात कर रहे थे। शासन की मंशा के अनुरूप भूतल अधिवक्ताओं के चेंबर हेतु तथा प्रथम व द्वितीय तल सरकारी विभागों के कार्यालय के लिए आवंटित करने की बात चल रही है। इससे वे लोग काफी नाराज हो गए और चेंबर के बाहर जाकर दरवाजा पीटने लगे। जिला अधिकारी ने कहा कि अधिवक्ताओं के आंदोलन को देखते हुए कलेक्ट परिसर में पुलिस बुला ली गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा तथा अपर पुलिस अधीक्षक दीपांकर चौधरी भी पहुंच गए हैं। दूसरी ओर कलेक्ट्रेट में तनाव की स्थिति बनी हुई है। अधिवक्ताओं का संगठन गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की रणनीति बना रहा हैं।













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