न्यायिक अभिरक्षा और पुलिस कस्टडी में मौते रािकर्ड बना रही हैं यूपी में, फिरोजाबाद में बवाल
यूपी डेस्कः योगी सरकार के कार्यकाल में न्यायिक अभिरक्षा व पुलिस हिरासत में मौत के मामले रिकार्ड बना रहे हैं। ताजा मामला फिरोजाबाद का है जहां एक बंदी की मौत के बाद बवाल मचा हुआ है। शुक्रवार रात 3 घंटे तक बवाल चला। नाराज प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, रोड पर खड़ी बाइकें फूंक दीं। एम्बुलेंस तोड़ दी। सीओ हिमांशु गौरव और सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार न भागे होत तो उनकी जान चली जाती।
उग्र भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। 5 पुलिसकर्मी समेत करीब 10 लोग घायल हुए हैं। पथराव कर रहे लोगों को पुलिस ने घसीट-घसीट कर पीटा। 6 राउंड हवाई फायरिंग की। एक एसआई का सिर फट गया। विरोध बढ़ता देख आसपास के 5 थानों से पुलिस बुला ली गई। एक कंपनी पीएसी भी आई। एसएसपी समेत कई अधिकारी भी पहुंचे। पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया। रात में सभी को छोड़ दिया गया। शनिवार सुबह बंदी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। आपको बता दें थाना दक्षिण के नगला पचिया निवासी आकाश सिंह (28) को पुलिस ने 17 जून को बाइक चोरी के मामले में जेल भेजा था।
19 जून को जेल में उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। 21 जून को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। एंबुलेंस से शव को घर लेकर जाते समय परिजनों ने थाना दक्षिण के हिमायूंपुर चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। बीच सड़क पर महिलाएं और पुरुष बैठ गए। नारेबाजी शुरू कर दी। भीम आर्मी के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। जाम की सूचना पर पुलिस पहुंची। परिजनों को समझाने का प्रयास करने लगी।
इसी बीच लोग एंबुलेंस को चारों ओर से घेरकर खड़े हो गए। पुलिस ने हटाने का प्रयास किया तो लोगों ने ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। मौके पर भगदड़ मच गई। पथराव होता देख पुलिस टीम को उल्टे पांव भागना पड़ा। इसके बाद कई थानों की फोर्स और पीएसी आई। उग्र भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे आक्रोशित लोगों ने सड़क किनारे खड़ी बाइक को आग लगा दी। एम्बुलेंस में भी तोड़फोड़ कर दी। आधे घंटे तक जमकर ईंट-पत्थर फेंके गए। अब स्थिति कंट्रोल में है। शनिवार सुबह 5ः30 बजे डीएम रमेश रंजन और एसएसपी सौरभ दीक्षित की मौजूदगी में आकाश का अंतिम संस्कार किया गया। प्रशासन ने परिजनों को 5 लाख रुपए का चेक भी दिया।













Post a Comment
0 Comments