पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में हो रही गुण्डा टैक्स की वसूली, इलाके में दहशत
सपा नेता के घर पर पथराव, फायरिंग और जानलेवा हमले की असली वजह भी वसूली है। घाट से लेकर मंदिर तक की इन दुकानों पर अब तक वसूली में बंटवारा था। दोनों गुटों में फायरिंग दहशत फैलाने, प्रशासन को चुनौती देने के लिये की गई है। हमलवार दुकानदारों में अपनी धौंस जमाना चाहते थे। काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र में वसूली गैंग का रेट तय है। केवल फूल-माला बेचने वालों से नहीं, बल्कि बड़ी दुकान वालों से भी वसूली की जाती है। पुलिस की नाक के नीचे दबंग दुकानों से गुंडा टैक्स वसूलते हैं। मामले में पुलिस जानकर भी अनजान बनी रहती है या फिर उनकी मूक सहमति शामिल रहती है।
मीरघाट क्षेत्र में फूलमाला बेचने वालों की संख्या लगभग 200 है तो इसके अलावा साड़ी की दुकान, पूजा सामग्री, धार्मिक सामग्री के दुकानदारों से महीने के हिसाब से वसूली होती है। रविवार को सपा नेता विजय यादव के परिवार समेत हत्या के इरादे से 10-12 नहीं, 38 हमलावर आए थे। पांच के हाथ में पिस्टल और तमंचा था तो 17 के हाथ लाठी-डंडा और धारदार हथियार थे। हमलावर मोटर बोट में रॉड, लाठी, असलहा लेकर आए थे। काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में फायरिंग और दहशत फैलाने की फुलप्रूफ प्लानिंग थी। वारदात के लिए पुलिस ड्यूटी चेंज होने का समय चुना गया। विजय के घर पहुंचने के लिए सड़क नहीं, जलमार्ग को चुना।
हमलावरों ने विजय यादव की हत्या का लक्ष्य बनाया था और घर के बाहर आकर जमकर उपद्रव किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो हमलावरों की संख्या, वारदात स्पष्ट हो गई। विजय यादव की तहरीर पर 5 नामजद और 12 अज्ञात पर दशाश्वमेध थाने में केस दर्ज किया गया है। विजय यादव के परिवार के 3 लोग और एक आरोपी को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। मोहल्ले में फोर्स तैनात कर दी गई है। हमलावर गोविंद यादव पहले अन्य साथियों के साथ मीरघाट की ओर भाग निकला था। घाट उतरते समय अचानक उसने पीछे लोगों के आने की आहट सुनी तो ललकारते हुए लौट आया। गली में जुटी भीड़ को ललकारते हुए ताबड़तोड़ दो फायर झोंक दिए।
इसके बाद तीसरा फायर मिस हुआ तो पिस्टल देखने लगा। तभी छत से लोगों ने ईंट-पत्थर मारे और चारों ओर से घेर लिया। उसे पहले कमरे में बंद किया और जमकर पीटा। बाद में पुलिस के सुपुर्द कर दिया। हिस्ट्रीशीटर विजय यादव समेत उसका छह भाइयों का परिवार मीरघाट स्थित तिमंजिला मकान में रहता है। विजय का पूर्व पार्षद बंशी यादव से पुराना विवाद चला आ रहा है। विजय पर हमले में नामजद एक आरोपी अंकित यादव का पिता बंशी यादव कुख्यात बदमाश था। बंशी भी पार्षद रह चुका था। साल 2004 में जिला जेल में कुख्यात अन्नू त्रिपाठी ने बंशी की हत्या कर दी थी। इसके बाद अंकित ने 2017 में पानदरीबा वार्ड से पार्षदी का चुनाव जीता था।













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