देवरियाः 12 साल के बच्ची की मर्डर मिस्ट्री का खुलासा
Deoria: Murder mystery of 12 year old girl revealed
देवरिया 2 दिसंबर। 26 नवंबर को हुई 12 साल की बच्ची की निर्मम हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा के मुताबिक तंत्र-मंत्र के जरिये उपलब्धि पाने के लिए बच्ची की बलि दी गई थी। घटना को अंजाम बच्ची के पिता के मामा-मामी ने दिया था। मामले में पुलिस ने शेषनाथ यादव और उसकी पत्नी सविता को गिरफ्तार कर लिया है।
उनकी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू व खून से सना कपड़ा भी बरामद कर लिया है। आरोपी दंपति ने पूछताछ में बताया है कि उसका बेटा 22 वर्षीय संजय मानसिक रूप से बीमार है। आरोपी महिला का कहना है कि ऐसे में मुझे स्वप्न में अक्सर देवी दिखाई देती थीं। देवी सपने में मुझे आदेश देती थीं कि एक बच्ची की हत्या कर शव पर पांच जगह के ब्लड निकालकर टोटका करने से बेटा ठीक हो जाएगा। इसी बीच जब बच्ची अनुष्का शादी में पहुंची तो उसको निशाना बनाया और हत्या कर शव को घर से 400 मीटर की दूरी पर मक्के के डंठल के पीछे छिपा दिया था।
घटना का खुलासा करने के लिए 5 थानेदारों को लगाया गया था। मामले का खुलासा होने पर डीआईजी गोरखपुर ने 50 हज़ार इनाम की भी घोषणा की थी। उल्लेखनीय है कि भटनी थाना क्षेत्र के ग्राम भरहे चौराहा निवासी अवधेश यादव अपनी बेटी अनुष्का के साथ अपने मामा के घर बेहरा डाबर में 26 नवंबर को शादी में शामिल होने पहुंचा था। नए मकान से शादी की रस्में हो रही थी जबकि पुराने मकान में घर के लोग रह रहे थे। जहां आरोपी शेषनाथ यादव और उसकी पत्नी सविता भी आए थे। शेषनाथ-सविता का एक बेटा है, जिसका नाम संजय है और उसकी उम्र 22 वर्ष है।
संजय मानसिक रूप से बीमार है। उसे ठीक करने के लिए सविता तंत्र-मंत्र की साधना करती थी। सविता के बयान के अनुसार उसे स्वप्न में देवी ने दर्शन देते हुए कहा कि किसी इंसान की बलि दोगी तो तुम्हारा लड़का ठीक हो जाएगा। पुंछताछ में आरोपी ने कहा कि जब यह शादी समारोह में अपने गांव पहुंचे तो इन्हें अपने भांजे की बेटी अनुष्का पर नज़र पड़ी। मृतक अनुष्का थोड़ा कम बोलती थी। 26 नवंबर को सभी शादी में व्यस्त थे। तभी पुराने घर पर खेलते हुए यह बच्ची पहुंच गई थी और शेषनाथ व उसकी पत्नी सविता ने बच्ची को बहला फुसलाकर अपने पास रोक लिया।
इसके बाद रात में अनुष्का का मुंह दबा कर चाकू से निर्मम तरीके से हत्या कर दी। फिर शव को एक साल में लपेटकर घर से 400 मीटर की दूरी पर अरहर के खेत से सटे मक्के के डंठल के पीछे छिपा दिया और कुछ दूरी पर कपड़ा फेक दिया। घरवाले जब बच्ची को तलाशने लगे तो वह नहीं मिली। जिसके बाद घरवालों ने भटनी पुलिस थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया। लेकिन उसी दिन 27 नवंबर को लगभग ग्यारह बजे लाश मिली तो ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। गुस्साए ग्रामीण लाश को भी नहीं ले जाने दे रहे थे।हालांकि, मौके पर पहुंचे एसपी ने समझा-बुझाकर शव का पीएम कराया और 28 नवंबर को अंतिम ससकार कराया था।













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