Type Here to Get Search Results !

Bottom Ad

ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का दिया गया प्रशिक्षण

ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का दिया गया प्रशिक्षण
Training given to Gram Panchayats to make them TB free
बस्ती 03 दिसम्बर। हर्रैया ब्लॉक सभागार में आज टीबी मुक्त पंचायत एवं फैमिली केयर गिवर संबंधी एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें ग्राम प्रधानों और सचिवों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के बारे में जानकारी दी गइई ताकि वे अपनी पंचायतों में टीबी के मामलों की पहचान और उपचार प्रभावी ढंग से कर सकें। प्रशिक्षण में जिला मुख्यालय से प्रशिक्षण प्राप्त करके आए वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक राहुल श्रीवास्तव, एसटीएलएस संजय कुमार पाण्डेय, एडीओ पंचायत जय प्रकाश राय ने ग्राम प्रधानों और सचिवों को बताया कि कैसे ग्राम पंचायत में संदिग्ध व्यक्ति को खोजना है और आशा के माध्यम से उन्हे अस्पताल ले जाकर टीबी की जांच करानी है।


मास्टर ट्रेनर राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत को टीबीमुक्त बनाने के लिए चिन्हित ग्राम पंचायतों में सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान, सामुदायिक भागीदारी एवं जन जागरूकता बढ़ाने संबंधी विशेष गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में भी यह अभियान विकास खण्ड हर्रैया के ग्राम पंचायतों में आयोजित किया गया था जिसमें 4 ग्राम पंचायतों निदुरी खम्हौआ, महादेवा, परसौड़ा, छपिया बुजुर्ग को टीबीमुक्त पंचायत घोषित किया गया था। टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत ट्रांसपोर्टर, सीएचओ, आशा एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता लगातार घर-घर जाकर टीबी के संभावित रोगियों की खोज कर रहे हैं। 


जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर क्षय रोगियों को सामुदायिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु ‘नि-क्षय मित्र’ बना रहे हैं। नि-क्षय मित्र के रूप में कोई भी सामाजिक संस्था, व्यक्ति या जनप्रतिनिधि टीबी रोगियों को अतिरिक्त पौष्टिक आहार एवं अन्य सहायता उपलब्ध करवाकर सहयोग कर सकता है। राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि टीबी मुक्त पंचायतें घोषित होने के लिए उन्हें 5 मुख्य मानदंडों पर खरा उतरना होगा और पांचों मानदंडों को पूरा करने वाली पंचायतें ही टीबी मुक्त घोषित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि पहले मानदंड के अनुसार टीबी मुक्त अभियान के तहत प्रत्येक पंचायत में 1000 की आबादी में कम से कम 30 ब्यक्तियों के टीबी टेस्ट होने चाहिए।


दूसरे मानदंड के अनुसार पंचायत की 1000 की जनसंख्या पर टीबी के मामलों की संख्या शून्य या अधिकतम एक होनी चाहिए तथा इसकी सूचना तुरंत निक्षय पोर्टल पर दर्ज होनी चाहिए। तीसरे मानदंड के अनुसार टीबी रोगियों में टीबी की दवाइंया बेअसर होने संबंधी जांच पूर्ण होनी चाहिए। चौथी मानदंड में विगत वर्ष के सभी टीबी रोगियों के उपचार सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुके हों। पांचवें मानदंड के अनुसार निक्षय पोषण योजना के तहत सभी टीबी मरीजों को दवाइयों के साथ-साथ पोषण के लिए 500-500 रुपये की राशि दी गई हो या कम से कम पहली किश्त जारी हो चुकी हो साथ ही पीएमटी बीएमबीए के तहत निक्षय मित्रों से पोषण सहायता लेने की सहमति देने वाले सभी टीबी रोगियों को निक्षय मित्रों से पोषण सहायता मिल रही हो। 


एसटीएलएस संजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि इन पंचायतों को पुरस्कार के रूप में प्रशस्ति पत्र तथा महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा दी जाएगी। पंचायत में लगातार दूसरे वर्ष टीबी मुक्त की स्थिति कायम रहने पर प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी की रजत प्रतिमा तथा तीसरे वर्ष भी प्रशस्ति पत्र एवं स्वर्णिम प्रतिमा दी जाएगी। वहीं एडीओ पंचायत जय प्रकाश राय ने बताया कि सक्रिय टीबी का रोगी दूसरे स्वस्थ्य व्यक्तियों को भी संक्रमित कर सकता है। सक्रिय टीबी रोगी को अपने मुँह पर मास्क या कपड़ा लगाकर बात करनी चाहिए और मुँह ढककर खाँसना और छींकना चाहिए। उन्होंने उपस्थित सभी से अनुरोध किया कि निक्षय मित्र बनते हुए कम से कम एक मरीज को गोद अवश्य लें। दिनेश श्रीवास्तव, मनोज मिश्र, उदय प्रताप शुक्ल, रूप नारायन मिश्र, सत्येंद्र कुमार चौधरी, शिवकुमार यादव, रामजस वर्मा, रामसुभाष चौधरी, घनश्याम वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

Tags

Post a Comment

0 Comments

Below Post Ad

GAUTAM BUDDH

 

SHARMA

 

BD GLOBAL
CMPM

 

SP AUTO
KRISHNA
PATEL S.M.H.
ST. JOSEPH
DRMS

Bottom Ad