हरदोई के पुलिस कप्तान ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगा, कहा पुलिस को बनायेंगे संवेदनशील
Hardoi's police captain apologized publicly, said he will make the police sensitive
यूपी डेस्कः हरदोई जिले के पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने वीडियो जारी कर पुलिस पर लगे संवेदनहीनता के आरोपों पर खेद व्यक्त करते हुये सार्वजनिक रूप से मांफी मांगा है। दरअसल एक घटना में महिला को असुविधा और परेशानी का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद एसपी नीरज जादौन ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की और सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी।
हरदोई जिले के लोनार थाना क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी अनूप, जो पुलिस लाइन में फॉलोअर के पद पर कार्यरत हैं, 27 अक्टूबर को अपनी बहन के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी बाइक दूसरी बाइक से टकरा गई, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। अनूप ने घटना के बाद कई बार मदद के लिए पुलिस थाने का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई भी मदद नहीं मिली। इसके बाद, अनूप अपनी घायल बहन को लेकर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन से न्याय की गुहार लगाने पहुंचे। वहां के सुरक्षा कर्मियों ने एंबुलेंस को अंदर जाने से रोक दिया।
उनका कहना था कि “साहब निकल रहे हैं“, यानी पुलिस अधीक्षक कार्यालय से साहब बाहर जा रहे थे, इसलिए एंबुलेंस को प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद, अनूप ने अपनी बहन को चादर में लपेटकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंचाया। इस दौरान महिला को इलाज के दौरान लोहे की रॉड डाली गई थी और चादर पर लिटाए जाने के कारण उसे काफी दर्द हो रहा था। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला दर्द से कराह रही है, जबकि सुरक्षा कर्मी एंबुलेंस को प्रवेश करने से रोक रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद, पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने मामले का संज्ञान लिया और इस पर सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने खुद एक वीडियो जारी कर कहा कि एसपी कार्यालय के गेट पर एंबुलेंस को रोकना और पीड़ित महिला को दर्द की हालत में चद्दर मे लपेटकर ले जाना “संवेदनहीन“ था। इस घटना के लिए माफी मांगी। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना से वह दुखी हैं और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जादौन ने अपने पोस्ट में यह आश्वासन भी दिया कि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होने पाएगी। उनकी इस पहल की लोग सराहना कर रहे हैं।













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