नोयडा में समलैंगिक सम्बन्ध बनाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
Gang involved in blackmailing people by having homosexual relationships busted in Noida
राज्य संवाददाता, दिल्ली (ओ पी श्रीवास्तव)। उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो पहले युवकों के साथ समलैंगिक संबंध बनाता था तथा बाद उन्हें वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे ऐंठ लेता था। इस गिरोह द्वारा अब तक आठ से अधिक घटनाओं को एक माह में अंजाम दिया गया है। गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने यह जानकारी दी।
उन्होने बताया कि बुधवार को पीड़ित द्वारा थाना फेस 3 पर तहरीर दी गयी कि शनि पुत्र हरपाल सिंह, करन कुमार पुत्र मनोज कुमार, रजत पुत्र राजकिशोर व तुषार पुत्र विजय द्वारा पीड़ित के गूगल-पे खाते से 24,300 रुपये जबरन ट्रान्सफर कराया गया है। इसके सम्बन्ध मे थाना फेस-3 पर बीएनएस के तहत पंजीकृत कराया गया था। उन्होंने कहा कि गुरुवार को थाना फेस 3 पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए उपरोक्त वांछितों को सेक्टर -65 बी ब्लॉक पार्क से गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तों के कब्जे से 12700 रुपये व एक आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, एक आरसी बरामद हुए है।
डीसीपी ने बताया कि अभियुक्तों से पूछताछ करनने पर पता चला कि हम लोग ग्राइंडर समलैंगिक ऐप के माध्यम से अलग-अलग आईडी बनाकर लोगो को अपने पास बुलाकर उसे डरा धमकाकर उसके पैसे ट्रांसफर करा लेते है व उनका सामान व कागजात ले लेते है। हम चारो ने मिलकर ग्राइंडर समलैंगिक ऐप पर अक्की गोस्वामी नाम की आई.डी. वाले लड़के को फंसाने का प्लान बनाया। हमने शनि नाम की आई.डी. से आपस में चैट कर उसे बुलाया था तथा उसे लेने के लिए अभियुक्त शनि को उसके पास भेजा था जहाँ से उसे साथ लेकर ममूरा शनि के कमरे पर गये। प्लानिंग के मुताबिक वादी की जेब से 4000 रूपये निकाल लिये थे।
अभियुक्तों ने वादी को डराया धमकाया गया कि हम तुम्हारे समलैंगिक होने की बात तुम्हारे घरवालों व रिश्तेदारों को बता देंगे अन्यथा तुम्हारे खाते में जितने रुपये है हमे ट्रान्सफर करो। पीड़ित के खाते से अभियुक्तों ने गूगल-पे के माध्यम से 14,300 रूपये व 10,000 रुपये वादी के भाई से अभि0 शनि के खाते में कुल 24300 रुपये ट्रांसफर कराये तथा वादी का आधार कार्ड ,पैन कार्ड व आरसी और पैसे लेने हेतु अपने पास रख लिया और फिर उसे छोडकर भाग गये।
अभियुक्त ग्राइंडर समलैंगिक डेटिंग ऐप से लोगो को फंसाकर समाज में बदनामी का भय दिखा कर धोखाधड़ी करते है। ऑनलाइन ऐप पर प्रोफाइल मैचिंग के बाद चैट करते है, और इस तरह के तथ्य जुटा लेते है जिससे पीड़ित को बाद में ब्लैकमेल किया जा सके। गोपनीय बातों को सार्वजनिक करने के नाम पर पीड़ित को गुमराह करते है जिससे पैसे निकलवा पाए। अभियुक्त खुद की प्रीमियम प्रोफाइल बनाते है ताकि वह प्रमाणित लगे और पीड़ित को इनके इरादों पर शक ना हो। उनको डरा धमाकर उनसे गलत तरीके से रुपये ट्रान्सफर करा लेते है। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम को पच्चीस हजार रुपए का ईनाम घोषित किया गया है।












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