वकीलों पर मेहरबान हुई बिहार सरकार, मिलेगा 5 हजार स्टाइपेन्ड
Bihar government shows mercy on lawyers, will get 5 thousand stipend
बिहार डेस्कः राज्य सरकार ने राज्य के नये अधिवक्ताओं को तीन वर्षों तक प्रतिमाह पांच हजार रुपये स्टाइपेंड देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसका भुगतान बिहार राज्य बार काउंसिल के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही अधिवक्ता संघों द्वारा अनुरोध किए जाने पर उन्हें ‘ई-लाइब्रेरी’ स्थापित करने के लिए पांच लाख रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाएगी।
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को सहायता के रूप में 30 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। सम्राट ने कहा आयकर दायरे से बाहर न आने वाले अधिवक्ताओं को मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता संघों में महिला वकीलों के लिए ‘पिंक टॉयलेट’ (महिला शौचालय) की व्यवस्था की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार न्यायिक प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अगर वकीलों, अधिकारियों और कर्मचारियों को समुचित संसाधन, आधारभूत सुविधाएं और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाए, तो आम लोगों को समयबद्ध और प्रभावी न्याय दिलाना संभव होगा। चौधरी ने कहा कि इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए बिहार सरकार ने अधिवक्ताओं के कल्याण से जुड़े ये अहम फैसले लिये हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और शुरुआती संघर्षों से जूझ रहे वकीलों के लिये अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से की गई इस घोषणा को अधिवक्ताओं के हित में एक सकारात्मक कदम मानते हुये संघ ने सरकार को धन्यवाद दिया है।











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