देर से स्कूल आने के आदती हैं गुरूजी, प्रार्थना की भी परंपरा नही
Guruji is in the habit of coming to school late, there is no tradition of prayer either.
बनकटी, बस्ती (बीपी लहरी) बेसिक शिक्षा विभाग का पर्यवेक्षण न होने से बनकटी ब्लाक के शिक्षकों में मनमानी बढ़ रही है। निर्धारित समय से स्कूल ने पहुँचने की आदत परिषदीय शिक्षा को कमजोर कर रही है। शिकायतों के दृष्टिगत बुधवार 08 अक्टूबर को सुबह नौ बजे ब्लाक क्षेत्र के संविलियन स्कूल अनपाखोर की पड़ताल की गई। पंचमती नामक महिला जो रसोइया है नियत समय पर स्कूल पहुंची और गेट का ताला खोला।
इसके बाद बच्चों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। नौ बजकर पच्चीस मिनट पर प्रधानाध्यापिका दीप माला व सहायक अध्यापिका किरन चौधरी ने कार से स्कूल में प्रवेश किया। तत्पश्चात् सहायक शिक्षक राम सहाय व कुमार गौरव चौधरी और शिक्षामित्र राजकली व अन्य रसोइया सुनीता व राजकुमारी का भी आगमन हुआ। जब कि एक अन्य शिक्षामित्र मुरुत प्रसाद अवकाश पर रहे। स्कूल में प्रवेश करने के उपरान्त शिक्षकों समेत बच्चों ने प्रार्थना किये बगैर शिक्षण कार्य शुरू कर दिया। अनपाखोर स्कूल के शिक्षकों को सुबह की प्रार्थना से परहजे क्यों है यह बड़ा सवाल है। प्रधानाध्यापिका दीपमाला ने बताया कि स्कूल में तीन रसोइया सुनीता, राजकुमारी पंचमती देवी हैं जो मीनू के अनुसार बच्चों के लिए तहरी बना रही हैं। स्कूल में 96 बच्चे पंजीकृत हैं। लेकिन आज 65 बच्चे ही आये हैं।











Post a Comment
0 Comments