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कामर्शियल खेती से लाखों की कमाई कर रहे हैं पूरन चौधरी



कामर्शियल खेती से लाखों की कमाई कर रहे हैं पूरन चौधरी
बस्ती, 07 जनवरी।
जिले में तमाम ऐसे किसान है जो पारंपरिक फसलो की खेती छोड़ कामर्शियल फसलों और सब्जी की खेती कर रहे हैं जो किसानों के लिए नियमित आय का एक मजबूत साधन बनती जा रही है। इन्हीं किसानों में से एक जिले के सदर ब्लाक के गाँव चितरगडिया के प्रगतिशील किसान राम पूरन चौधरी सब्जी आधुनिक खेती से अन्य पारंपरिक किस्मों की अपेक्षा 3 गुना ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं। 


वह लगभग एक एकड़ जमीन पर टमाटर की खेती कर रहे हैं और इससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है। उनकी खेती न सिर्फ आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो रही है, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गई है। किसान राम पूरन चौधरी नें बताया कि वैसे तो हम ज्यादातर गन्ना और केले की खेती करते थे पर इधर 4 -5 सालों से सब्जियों की खेती कर रहे हैं। क्योंकि इनमें मुनाफा कहीं अधिक है। इस समय मेरे पास करीब एक एकड़ में साहो किस्म का टमाटर लगा है।


इसमें लागत करीब एक एकड़ में करीब 60 से 70  हजार रुपये आती है और मुनाफा करीब दो लाख रूपये तक हो जाता है, क्योंकि टमाटर की पैदावार अच्छी आती है। इसमें फल भी ज्यादा आते हैं। इसकी खेती हम मल्च विधि से करते हैं। इससे फसल तो अच्छी होती ही है साथ ही इसमें खरपतवार का जमाव भी कम होता है। रोग आदि भी कम लगते हैं और इसको एक बार लगाने के बाद तीन से चार महीने तक फसल मिलती रहती है।


उन्होंने बताया टमाटर की खेती की  खेती करना बहुत ही आसान है। सबसे पहले टमाटर के बीजों की नर्सरी तैयार करते हैं। उसके बाद खेत की जुताई कर  पूरे  खेत मे बेड बनाकर मल्चिंग की जाती है। फिर उसमें छोटे-छोटे गड्ढे करके कीचड़ विधि से टमाटर के पौधे लगाए जाते हैं। उसके बाद जब पौधा थोड़ा बड़ा हो जाता है, सहारा दिया जाता है और इसकी सिंचाई करते हैं। फिर इसके पौधे में जैविक खाद व कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करना पड़ता है। जिससे पौधा अच्छा चलता है और रोग भी नहीं लगता। वहीं पौधा लगाने के 70 से 80 दिनों बाद फसल निकलनी शुरू हो जाती है।


किसान राम पूरन चौधरी टमाटर की खेती के अलावा चप्पन कद्दू, बीन्स, स्वीट कॉर्न, रंगीन फूल गोभी, की खेती कर रहें हैं जिनकी सप्लाई अयोध्या के तमाम होटलों में ऊँचे मार्केट रेट पर हो रही है। उन्होंने नें बताया कि सीजनल सब्जी की खेती से प्रतिवर्ष छह से सात लाख रुपये अर्जित करते है। महज सब्जी की खेती से अपनी दशा और दिशा बदल चुके किसान राम पूरन चौधरी ने बयाया कि लौकी, करेला, भिंडी, गोभी समेत कई मौसमी सब्जियों की खेती वे आधुनिक तकनीक से करते है। जैविक खाद का उपयोग करते हैं, ताकि मानव जीवन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। वे अपना पूरा वक्त खेती पर दे पाते है और परिवार खुशहाल है। 

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