साथ ही ड्राइविंग प्रशिक्षण के लिए एडीटीसी यानी ऑटोमैटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर भी खोले जा रहे हैं। फिर भी रोड पर दुर्घटनायें हो रही है। जबकि परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग लगातार लोगों को जागरूक कर भी रहे हैं, चालान की प्रक्रिया भी जारी है। संभागीय परिवहन अधिकारी फरीदउद्दीन ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह चल रहा है, इसका मूल उद्देश्य सड़क पर सुरक्षित यात्रा करते हुये दूसरे को भी सुरक्षित रखना है। बताया कि हमारे देश में कुल वाहनों की संख्या विश्व के कुल वाहनों की संख्या में सिर्फ 02 प्रतिशत है।
लेकिन दुर्घटनाओ की भागीदारी 11 प्रतिशत है। यानी हमारे देश में वाहन तो कम है लेकिन दुर्घटनाओं की संख्या बहुत ज्यादा है, और इसी के साथ दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़ी है। देश में करीब पौने दो लाख लोगों की सड़क दुर्घटना में मौतें होती हैं। प्रदेश में भी करीब 25 हज़ार सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु हुई है। हर घंटे 18 व्यक्ति दुर्घटना के शिकार होते है। सड़क दुर्घटनाओं से न सिर्फ एक परिवार की हानि होती है बल्कि पूरे देश की हानि होती है। इस प्रकार अगर हम सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में सफल होते हैं तो देश की प्रगति एवं देश की उन्नति होती है। संभागीय परिवहन अधिकारी फरीदउद्दीन ने सभी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील किया है जिससे सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।












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