शिक्षकों ने चेतावनी दिया कि यदि उक्त मांगे नहीं मानी गई तो हम सभी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। डीएम के प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए जिला कोषाध्यक्ष ने कहा कि प्रथम और द्वितीय चरण के समायोजन वाले विद्यालय से ही पुनः तीसरे चरण में शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में समायोजित कर दिया गया है। उच्च प्राथमिक में तीन अध्यापक अनिवार्य होने के बावजूद वहां से शिक्षकों को हटाकर दूसरे विद्यालयों में समायोजित किया गया है। सभी ब्लॉकों के एकल और बंद विद्यालय तथा आवश्यकता वाले विद्यालय समायोजन में नहीं खोले गए और ना ही वहां शिक्षकों को भेजा गया।
जिला उपाध्यक्ष रवीश कुमार मिश्र ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद शिक्षकों से बीएलओ सहित तमाम गैर शैक्षणिक कार्य लिए जा रहे हैं जो कि शिक्षकों के मान सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि शिक्षण के अलावा जो भी कार्य शिक्षकों से लेने के आदेश हुए हैं उन्हें तत्काल वापस लिया जाए। शिक्षक नेता हरेंद्र यादव और सनद पटेल ने कहा कि आवारा कुत्तों व मवेशियों को पकड़ने जैसे मनमाने आदेश को तत्काल वापस लिया जाए। शिक्षक नेता अशोक यादव और सुरेश गौड़ ने कहा कि वरिष्ठता सूची में जनपद में कार्यरत समस्त शिक्षकों को शामिल किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में अशोक विजय यादव, रामस्वरूप, राम भवन यादव आदि मौजूद रहे।













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