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बस्ती मे लाइफ लाइन हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप, मासूम बच्चे से नही परिजनों को नही मिलने दे रहे डाक्टर




बस्ती मे लाइफ लाइन हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप,
मासूम बच्चे से नही परिजनों को नही मिलने दे रहे डाक्टर

बस्ती, 07 अप्रैल।
नगर थाना क्षेत्र के कोठवाभरपुर निवासी शब्बीर के रिश्तेदार के  06 दिन के नवजात बच्चे को दक्षिण दरवाजा रोड बस्ती लाइफ लाइन हॉस्पिटल द्वारा जबरिया रोका गया है। बच्चे को डिस्चार्ज करने के लिये 30 से 40 हजार रूपये की डिमांड की जा रही है। 


शब्बीर का आरोप है कि कई दिन से अंधाधुंध रुपया दवा और उपचार के नाम पर वसूल किया गया है। बच्चे से मिलने भी नही दिया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि वे बच्चे को कहीं और दिखाना चाहे रहे हैं लेकिन डॉक्टर डिस्चार्ज नहीं कर रहे हैं। आरोप यह भी है कि 1500 से 2000 रूपये प्रतिदिन का खर्च बताकर बच्चे को एडमिट कराया गया था। अब डिस्चार्ज करने के लिये भारी भरकम बजट बता रहे हैं। 


आरोपों के संदर्भ मे बस्ती लाइफ लाइन हॉस्पिटल के संचालक आसिफ से बात हुई तो उन्होने आरोपों को एक सिरे से खारिज कर दिया। कहा प्रतिदिन परिवार का एक व्यक्ति 7 से 8 बजे के बीच बच्चे से मिलता है। सीसीटीवी कैमरा इसकी गवाही देगा। रही बात 1500 से 2000 रूपये खर्चे की तो इसमे दवाओं का खचा्र शामिल नही है। इसमे नर्सिंग चार्ज, बेड चार्ज इत्यादि शामिल है। 


जबरिया रोकने और इलाज से संतुष्ट न होने के आरोप भी झूठे हैं। हास्पिटल के संचालक का कहना है कि उनके यहां डेरी कन्सेन्ट लिया जाता है, मरीज के तीमारदार संतुष्ट रहते हैं तो इलाज करवाते हैं अथवा कहीं और चले जाते हैं। अस्पताल का अपना हिसाब किताब है, उसका भुगतान करना परिजनों की जिम्मेदारी है। हॉस्पिटल के संचालक ने सफाई देते हुये कहा कि बच्चा पैदा होने के बाद उसे पीलिया हो गया था, जिससे उसे खास निगरानी मे रखा गया है। इसलिये कुछ खर्चे बढ़ गये हैं। फिलहान सच्चाई क्या है यह जांच का विषय है लेकिन मरीज से परिजनों को न मिलने देने का आरोप गंभीर है।


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