चायनीज मांझे, चाइनीज मांझा, सिन्थेटिक मांझा,
शीशा लेपित डोरी के निर्माण व बिक्री पर होगी सख्ती
बस्ती, 11 जुलाई। राज्य कर कार्यालय कटरा के सभागार कक्ष में व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूर्व रेलवे सलाहकार समिति सदस्य, व्यापारी गौरव गुप्ता विक्की कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। मुख्य वक्ता प्रभाकर सरोज नवपदोन्नत संयुक्त आयुक्त प्रभार, महेश चंद उपयुक्त राज्यकर, सहायक आयुक्त विकास गुप्ता, सहायक आयुक्त मनोज कुमार यादव, अमरजीत राज्यकर अधिकारी, राकेश कुमार पाण्डे आदि प्रमुख रूप से जी उपस्थित रहे।
व्यापारी संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चाइनीज मांझा, सिन्थेटिक मांझा, शीशा लेपित डोरी के निर्माण, विक्रय एवं उपयोग को प्रभावी रूप से रोका जाना था। बैठक में उच्च न्यायालय लखनऊ में योजित जनहित याचिक मोतीलाल यादव बनाम प्रधानमंत्री कार्यालय व अन्य तथा सम्बद्ध जनहित याचिक रज्जन खान बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य में पारित आदेश के अनुपालन के क्रम में चाइनीज मांझे पर प्रभावी रूप से रोक लगाए जाने हेतु जागरूक किया गया।
पूर्व रेलवे सलाहकार समिति सदस्य गौरव गुप्ता विक्की ने बताया कि चाइनीज मांझा नायलॉन, धातु के पाउडर और कांच की कोटिंग से बना एक अत्यधिक धारदार और सिंथेटिक धागा है। यह मानव जीवन, पक्षियों और पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक और घातक है। यह मांझा इतना तेज और मजबूत होता है कि पतंग उड़ाते या वाहन चलाते समय कई बार लोगों के गले या शरीर के अन्य हिस्सों को गहराई से काट देता है, जिससे कई लोगों की जान तक जा चुकी है।
गौरव गुप्ता विक्की ने बताया कि चाइनीज मांझे में धातु (मेटल) और नायलॉन का इस्तेमाल होता है, जिससे बिजली के तारों के संपर्क में आने पर करंट उतरने और गंभीर हादसे होने का खतरा बना रहता है। यह धागा आसमान में उड़ते हुए पक्षियों और सड़कों पर आवारा जानवरों के लिए जानलेवा जाल बन जाता है, जिससे हर साल हजारों पक्षी घायल होते हैं या उनकी मौत हो जाती है। इस खतरे को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और कई राज्य सरकारों ने चाइनीज मांझा के निर्माण, आयात, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। इसका उल्लंघन करने पर सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान है। कार्यक्रम में सुभाष शुक्ला, आफताब आलम, विश्वनाथ वर्मा, बृजेश सिंह, वीरेन्द्र कुमार सहित तमाम व्यापारी उपस्थित रहे।









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