एसपी ने खोया आपा,
बंदी वाहन मे घुसकर प्रदर्शनकारी अधिवक्ता को पीटा
यूपी डेस्कः मेरठ मे छात्रा की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तार की मांग को लेकर दलित समाज के लोगों द्वारा कई संगठनों के कार्यकर्ताओं को साथ लेकर कलक्ट्रेट पर हंगामा करने के मामले मे आठ लोगों को सिविल लाइन पुलिस ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वहीं, 25 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
वीडियो फुटेज के माध्यम से आरोपियों की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमे एसएसपी अविनाश पाण्डेय बंदियों के वाहन मे घुसकर अधिवक्ता को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। इससे आहत अधिवक्ता ने बंदी वाहन मे ही फांसी लगाकर सुसाइड करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिये एसपी ने जिस भाषा का प्रयोग किया वह भी आपत्तिजनक बताया जा रहा है। एसपी वीडियो मे साफ कहते हुये दिख रहे हैं कि जिसे कोई तकलीफ हो वे उनके आफिस मे आकर मिल सकते हैं।
लेकिन इस तरह हंगामा करने की इजाजत नही दी जायेगी। एसएसपी ने कहा माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सोशल मीडिया पर इस मामले को तूल देने वालों पर साइबर विशेषज्ञ निगरानी कर रहे हैं। आपको बता दें रोहटा थाना क्षेत्र के एक गांव की बीए छात्रा की हत्या के मामले में बुधवार को कलक्ट्रेट के बाहर जमकर बवाल हुआ था। प्रदर्शनकारी मुख्य आरोपी अंकुश के भाई पीएसी सिपाही अंकित चौधरी और उसकी मां की गिरफ्तारी, दुष्कर्म की धाराएं जोड़ने व विवेचना में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।









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