झारखंड सरकार झुकी,
मागें मान ली गईं, छात्रों का आन्दोलन खत्म
NATIONAL DESK. रांची में 24 दिनों से चल रहे JPSC और JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन की बड़ी जीत हुई है! राहुल गांधी की चिट्ठी के बाद हेमंत सोरेन सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और JSSC-CGL की CID जांच का बड़ा ऐलान किया है।रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का 24 दिनों से चला आ रहा आंदोलन 17 अगस्त 2026 को बड़े फैसलों के बाद निर्णायक मोड़ पर पहुंचा।
अभ्यर्थी 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा, JSSC-CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में आंदोलन कर रहे थे। आंदोलन लगभग 24 दिनों तक चला। इसमें धरना और भूख हड़ताल भी शामिल रही। छात्रों की मांगों पर सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हुई। 14वीं JPSC परीक्षा और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति बनी। TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को लेकर जांच और कार्रवाई की घोषणा हुई।
राहुल गांधी की चिट्ठी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर छात्रों से स्वयं मुलाकात करने और उनकी समस्याएं सुनने की अपील की थी। उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण बताते हुए छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करने की बात कही। इसके बाद सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा। एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में सुधार समिति भी बनाई है।
इस आंदोलन की मुख्य मांगें
14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करना। JSSC-CGL को लेकर कार्रवाई करना। TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की जांच। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच। भविष्य में परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना। 24 दिन के आंदोलन के बाद सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण मांगों पर कार्रवाई हुई है। इसे अभ्यर्थियों की बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक जीत माना जा रहा है।












Post a Comment
0 Comments