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देहदान महान कार्य, अग्रहरि परिवार ने लिया साहसिक निर्णय


 

देहदान महान कार्य, अग्रहरि परिवार ने लिया साहसिक निर्णय
बस्ती, 22 सितम्बर। सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी कुलभूषण अग्रहरि ने किया अपना देहदान करने की घोषणा की। वे 1982 बैच के अधिकारी थे और अप्रैल 2017 मे सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त हुये। उनके इस महान कार्य से प्रेरित होकर बेटे कुलदीप अग्रहरि एवं बहू मानसी अग्रहरि ने भी अपने देहदान की घोषणा की है। 



इस प्रकार यह परिवार जनपद ही नही समूचे मानव जाति के लिये प्रेरणा स्रोत बन चुका है। कुलभूषण अग्रहरि ने भावुक अंदाज मे कहा कि वे रामचरित मानस की चौपाई ‘‘कर्म प्रधान विश्व करि राखा’’ से प्रेरित हैं और इसे अपने जीवन मे भी चरितार्थ करना चाहते हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसियेशन बस्ती शाखा ने अग्रहरि परिवार द्वारा देहदान जैसे निर्णय की सराहना करते हुये उन्हे साधुवाद दिया है। एसोसियेशन के जिलायक्ष नरेन्द्र बहादुर उपाध्याय ने कहा इसे कहते हैं मरणोपरान्त भी अपनी उपयोगिता सिद्ध करना। 



आपको बता दें गौरीदत्त धर्मशाला मे विगत दिनों एक जन उत्थान चैरटेबुल ट्रस्ट के निदेशक अंशुल पटेल द्वारा आयोजित कार्यक्रम मे कुलभूषण अग्रहरि ने अपनी पोती सानविका के जन्मोत्सव पर महर्षि वशिष्ट मेडिकल कालेज बस्ती के प्राचार्य डा. मनोज कुमार, उप प्राचार्य डा. अनिल कुमार यादव, एनाटमी विभाग के अध्यक्ष डा. जीपी मिश्र, असिस्टेन्ट प्रोफेसर डा. पूजा यादव, जिला युवा कल्याण अधिकारी रामप्रताप सिंह, वीरेन्द्र नाथ पाण्डेय एडवोकेट, सुबाष चन्द्र अग्रहरि आदि की उपस्थिति मे शर्तो के तहत देहदान की विधिवत घोषणा की।



उन्होने अपनी इच्छा जाहिर की कि मरणोपरान्त उनका मृत शरीर उत्सव जैसे माहौल मे बाजे गाजे के साथ खुले वाहन मे मेडिकल कालेज ले जाया जाये जिससे दूसरे लोग भी इस महान कार्य के लिये प्रेरित हो। शर्तो के अनुसार मृतोपरान्त बाल और नाखून परिजनों को अंतिम संस्कार हेतु दे दिया जायेगा। अग्रहरि परिवार द्वारा देहदान किये जाने पर नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अंकुर वर्मा, सुरेशचन्द्र गुप्ता, राजन अग्रहरि, राजेश्वरी अग्रहरि, ज्योति अग्रहरि, आलोक अग्रहरि, श्रीमती सुनीता अग्रहरि, प्रदीप अग्रहरि, गोपेन्द्र अग्रहरि, उदयप्रताप पाल, श्रीगोपाल त्रिपाठी, रामकुमार लाल, राधेश्याम तिवारी, डा. आरपी सिंह, सुरेशधर दूबे सहित सैकड़ों लोगों ने अग्रहरि परिवार के साहसिक निर्णय की सराहना की है।

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