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दिल्ली के पूर्व सचिव राकेश मेहता ने उठाया आत्मघाती कदम

दिल्ली के पूर्व सचिव राकेश मेहता ने उठाया आत्मघाती कदम
दिल्ली, एनसीआर संवाददाता।
दिल्ली सरकार मे मुख्य सचिव रहे 1975 बैच के आईएएस राकेश मेहता ने 6 सितंबर को नोएडा के सेक्टर 82 में स्थित अपने घर मे सुसाइड कर लिया। वे 74 साल के थे। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मेहता ने लंबे समय से चली आ रही बीमारी और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को अपने आत्मघाती फैसले की वजह बताया है। 


मेहता ने अपने 4 दशक लंबे करियर में प्रशासन पर गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने दिल्ली सरकार और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली में कई सीनियर पदों पर काम किया। आखिर में 2007 में उन्हें शहर का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया। वे इस पद पर नवंबर 2010 में रिटायर होने तक तीन साल से ज्यादा समय तक बने रहे। अपने करियर के ज्यादातर समय मेहता ने दिल्ली की लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित के साथ मिलकर काम किया। उनके कार्यकाल में ही राजधानी में बुनियादी ढांचे और प्रशासन से जुड़े कई अहम सुधार हुए। 


उन्होंने दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर के तौर पर काम किया। जब दिल्ली में बिजली वितरण का निजीकरण हुआ, तब वे पावर सेक्रेटरी रहे; और ट्रांसपोर्ट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी के तौर पर उन्होंने शहर के पब्लिक बस नेटवर्क को नए सिरे से तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। सेक्रेटरी के तौर पर, उन्होंने शहर के बिजली वितरण नेटवर्क के ऐतिहासिक निजीकरण में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स की गणना के लिए ’यूनिट एरिया मेथड’ भी शुरू किया। ट्रांसपोर्ट के मामले में मेहता ने एक्सीडेंट की ज्यादा संभावना वाली ब्लूलाइन बसों को धीरे-धीरे हटाने और उनकी जगह लो-फ्लोर बसें लाने का प्लान तैयार करने में मदद की। 

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