दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का दिल का दौरा पड़ने से निधन
नेशनल डेस्कः जाने माने अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र मे आज गुरुवार को सुबह निधन हो गया। मुंबई में उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने से अभिनेता का निधन हुआ है। कई दशकों तक भारतीय सिनेमा पर राज करने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर आज अपने फैंस को अलविदा कह गए। नाना के फैंस काफी निराश और दुखी हैं।
फिल्मी करियर
अभिनेता ने मुंबई में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद बॉलीवुड में कदम रखा। उन्होंने साल 1978 में फिल्म ’गमन’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इसके बाद इन्होंने ’आज की आवाज’, ’परिंदा’ और ’अंगार’ जैसी फिल्मों में काम किया। उन्हें शुरुआत में सबसे ज्यादा पहचान फिल्म ’अग्नि साक्षी’ से मिली। लगभग पांच दशक लंबे अपने करियर में नाना पाटेकर ने कई तरह के रोल किए। वह सबसे कैरेक्टर आर्टिस्ट के तौर पर मशहूर थे। उन्होंने फिल्मों में खलनायक, विद्रोही, कॉमेडी और गंभीर भूमिकाएं निभाई हैं। बॉलीवुड के अलावा उन्होंने मराठी, तमिल और कन्नड़ फिल्मों में काम किया है। मराठी में उनकी मशहूर फिल्में ’सिन्हासन’, ’पक पक पकाक’ और ’नटसम्राट’ शामिल हैं।
नाना पाटेकर की खास फिल्में
गमन (1978), क्रांतिवीर (1994), परिंदा (1989), अब तक छप्पन (2004), वेलकम (2007), नटसम्राट (2016), ’सिन्हासन’ (1986), ’पक पक पकाक’ (2005), शागिर्द (2011), राजनीति (2010), यशवंत (1997), तिरंगा (1993), अग्निसाक्षी (1996), अंकुश (1986), अपहरण (2005), अंगार (1992), वनवास (2024), ओ रोमियो (2026)
प्रसिद्ध डायलाग
“कुत्ते की तरह जीने की आदत पड़ी है सबको।“ “एक मच्छर साला आदमी को हिजड़ा बना देता है!“ “अपना तो उसूल है... पहले लात, फिर बात, उसके बाद मुलाकात।“ “ये मुसलमान का खून, ये हिन्दू का खून...बता इसमें मुसलमान का कौन सा, हिन्दू का कौन सा, बता!“ “भगवान का दिया हुआ सब कुछ है...दौलत है, शौहरत है, इज्जत है।“
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का दिल का दौरा पड़ने से निधन
October 08, 2026
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