अयोध्या में मानक विहीन विकास कार्य को लेकर 6 इंजीनियरों पर गिरी गाज
अयोध्या, उ.प्र.। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा की बाद हुई पहली बारिश ने योगी सरकार के दावों की पोल खोल दी है। अयोध्या में मानक को दरकिनार कर कराये गये विकास कार्यों को लेकर सरकार सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल हो रही है। सरकार अयोध्या के विकास को मॉडल बनाने के लिए तैयार रामपथ की सड़क पहली ही बारिश में कई जगह धंस गई। अब लोग इसे लेकर सवाल उठाने लगे हैं।
लोगों ने कहा शुरू कर दिया है कि अरबों रूपया खर्च करने के बावजूद रामभक्तों को सुविधायें नही मिल पा रही हैं। सआदतगंज से लेकर नयाघाट लता चौक तक करीब 13 किमी लम्बे राम पथ का निर्माण प्राण प्रतिष्ठा से पहले किया गया था। इसे पीडब्ल्यूडी ने बनाया, जबकि सीवर लाइन का काम जल निगम ने किया। 844 करोड़ की बजट वाली इस सड़क का काम काम 24 जनवरी 2023 को शुरू हुआ था, जिसे प्राण प्रतिष्ठा के पहले पूरा किया गया। मानसून की पहली बारिश ने दोनों विभागों के बेहतर काम करने के दावों की पोल खोल दी।
रामपथ पर 12 से अधिक स्थानों पर सड़क धंस गई। इस सड़क पर बड़े चेम्बर भी बने हुए हैं। सड़कें धंसने से कई घंटे तक यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि सुबह बारिश रुकने के बाद लोक निर्माण विभाग ने आनन-फानन में पत्थर की गिट्टियां डलवाकर सभी गड्ढों को पटवा दिया। रिकाबगंज स्थित मुकुट कांप्लेक्स के सामने नवनिर्मित रामपथ की सड़क धंसी थी। इसके अलावा चौक-रिकाबगंज की सड़क, रिकाबगंज क्षेत्र के बलरामपुर हाउस के सामने नवनिर्मित रामपथ पर सड़क धंस गई। रिकाबगंज सिविल लाइन चौराहा से लेकर रिकाबगंज चौराहा तक करीब 8 स्थानों पर सड़क धंसने की घटना हुई।
सड़क रामपथ पर बने ड्रेनेज से लीकेज होने के कारण गहरी सीवर लाइन के मैनहोल के पास धंस गई। प्राण प्रतिष्ठा के दौरान आनन-फानन में बने रामपथ पर दिन-रात निर्माण कार्य चलता रहता है। इसके बावजूद भी रामपथ भक्तों की यात्रा के लिए सुरक्षित है या नहीं, यह सवाल उठने लगा है। मानसून की पहली बारिश के बाद शहर में कई जगह सड़कों और मोहल्लों में जलभराव हो गया। इन्हीं रास्तों और कालोनियों में राम नगरी आने वाले भक्त होटलों और धर्मशालाओं में रहने के लिए जाते हैं। वहीं से रामलला के दर्शन के लिए आते है। बारिश के बाद लोगों के घरों तक में पानी घुस गया। इसके चलते लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। रेलवे स्टेशन मार्ग पर जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण जलभराव रहा।
PWD के एक्सईएन ध्रुव अग्रवाल, असिस्टेंट इंजीनियर अनुज देशवाल और जूनियर इंजीनियर प्रभात पांडेय के अलावा जल निगम के एक्सईएन आनंद कुमार दुबे, एई राजेंद्र कुमार यादव और जेई मोहम्मद शाहिद को सस्पेंड किया गया है। साथ ही विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।














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