राष्ट्रपति के अभिभाषण का अंश
नई दिल्लीः 18वीं लोकसभा में पहली बार संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की हालिया घटनाओं की जांच कराने और दोषियों को सजा दिलाने की सरकार की प्रतिबद्ध है। आगामी आम बजट में कई ऐतिहासिक कदम उठाये जाएंगे एवं प्रमुख आर्थिक निर्णय लिए जाएंगे।
मुर्मू ने कहा कि उनकी सरकार देश के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने में सक्षम बनाने के लिए माहौल तैयार करने का काम कर रही है। जिस वक्त वह शिक्षा के मोर्चे पर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र कर रही थीं, कुछ सदस्यों को नीट में कथित अनियमितताओं को लेकर नारे लगाते सुना गया। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘अगर किसी कारण से परीक्षाओं में बाधा आती है तो यह उचित नहीं है। सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं में शुचिता और पारदर्शिता बहुत जरूरी है।’’ उन्होंने कहा,‘‘सरकार पेपर लीक होने की हालिया घटनाओं की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।’’
अभिभाषण के समय राष्ट्रपति के दाएं और बाएं ओर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ तथा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बैठे हुए थे। इस अवसर पर सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उनकी मंत्रिपरिषद के सदस्य, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राज्यसभा के नेता सदन जे पी नड्डा तथा विभिन्न दलों के नेता एवं सदस्य मौजूद थे। उन्होंने कहा कि अगले संसद सत्र में सरकार द्वारा पेश किया जाने वाला बजट भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाएगा।
राष्ट्रपति के अनुसार सरकार का मानना है कि निवेश के लिए राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। मेरी सरकार भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम कर रही है।’’देश में हाल में हुए आम चुनाव के दौरान कश्मीर में हुए मतदान में कई रिकॉर्ड टूटने की ओर ध्यान दिलाते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इन चुनाव के माध्यम से घाटी ने देश के दुश्मनों को करारा जवाब दिया है। मुर्मू ने 18वीं लोकसभा में पहली बार दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपने अभिभाषण में लोकसभा चुनाव के सफल आयोजन के लिए निर्वाचन आयोग को बधाई भी दी।
उन्होंने आपातकाल को ‘संविधान पर सीधे हमले का सबसे बड़ा और काला अध्याय’ बताते हुए कहा कि ऐसे अनेक हमलों के बावजूद देश ने असंवैधानिक ताकतों पर विजय प्राप्त किया। राष्ट्रपति ने अपने 55 मिनट के अभिभाषण में कहा कि देश में संविधान लागू होने के बाद भी संविधान पर अनेक बार हमले हुए। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी सरकार भी भारत के संविधान को सिर्फ राजकाज का माध्यम भर नहीं मानती, बल्कि हमारा संविधान जन-चेतना का हिस्सा हो, इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं। इसी ध्येय के साथ मेरी सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाना शुरू किया है।’’ राष्ट्रपति ने कहा कि अब जम्मू-कश्मीर में भी संविधान पूरी तरह लागू हो गया है, जहां (पहले) अनुच्छेद 370 की वजह से स्थितियां कुछ और थीं।
मुर्मू ने कहा कि ये ताकतें देश के भीतर भी हैं और देश के बाहर से भी संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इनके द्वारा अफवाह फैलाने का, जनता को भ्रम में डालने का, गलत सूचनाओं का सहारा लिया जा रहा है। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘इस स्थिति को ऐसे ही बेरोक-टोक नहीं चलने दिया जा सकता। आज के समय में प्रौद्योगिकी हर दिन और उन्नत हो रही है। ऐसे में मानवता के विरुद्ध इनका गलत उपयोग बहुत घातक है। भारत ने विश्व मंच पर भी इन चिंताओं को प्रकट किया है और एक वैश्विक रूपरेखा की वकालत की है। हम सभी का दायित्व है कि इस प्रवृत्ति को रोकें, इस चुनौती से निपटने के लिए नए रास्ते खोजें।’’
सशक्त भारत के लिए सैन्यबलों में आधुनिकता एवं आत्मनिर्भरता की जरूरत पर बल देते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देश का रक्षा निर्यात 18 गुना अधिक हुआ है तथा फिलीपीन के साथ ब्रह्मोस मिसाइल का रक्षा सौदा, रक्षा निर्यात के क्षेत्र में भारत की पहचान मज़बूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि सशक्त भारत के लिए ‘‘हमारे सैन्यबलों में आधुनिकता जरूरी है। युद्ध की स्थिति में हम सर्वश्रेष्ठ रहें, इसके लिए सेनाओं में सुधार की प्रक्रिया निरंतर जारी रहनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ उनकी सरकार ने पिछले 10 साल में रक्षा क्षेत्र में कई सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि सीडीएस (प्रमुख रक्षा अध्यक्ष) पद के गठन जैसे सुधारों ने सेनाओं को नयी मजबूती प्रदान की है।
राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने युवाओं और उनके ‘स्टार्टअप’ को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की मजबूत नींव तैयार की है। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में दो रक्षा गलियारे भी विकसित कर रही है। महिला नीत विकास पर बल देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार चाहती है कि देश की महिलाओं का कौशल, उनकी कमाई के साधन और उनका सम्मान बढ़े। उन्होंने दावा किया कि सरकार की योजनाओं की वजह से पिछले एक दशक में महिलाओं का आर्थिक सामर्थ्य बढ़ा है।
बीते 10 वर्ष में बने चार करोड़ मकानों में से ज्यादातर मकान महिलाओं के नाम ही आबंटित हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अब तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही सरकार ने 3 करोड़ नए घर बनाने को स्वीकृति दे दी है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार का प्रयास है कि महिलाओं का कौशल बढ़े, उनकी कमाई के साधन बढ़ें और उनका सम्मान बढ़े। ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना इस लक्ष्य की पूर्ति में सहायक बन रही है। इस योजना के तहत हज़ारों स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को ड्रोन दिए जा रहे हैं, ड्रोन पायलट बनने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।’’ मुर्मू ने कहा कि सरकार ने हाल में ही ‘कृषि सखी’ कार्यक्रम भी शुरु किया है। मेरी सरकार का यह भी प्रयास है कि महिलाएं अधिक से अधिक बचत कर सकें। बैंक खातों में जमा राशि पर बेटियों को ज्यादा ब्याज देने वाली सुकन्या समृद्धि योजना की लोकप्रियता से हम परिचित हैं।’’ राष्ट्रपति के संबोधन के बाद उप राष्ट्रपति धनखड़ ने उनके अभिभाषण के प्रारंभिक और अंतिम अंशों का अंग्रेजी अनुवाद पढ़ा।













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