हड़तालः मंगलवार से थम जायेंगे तीन सौ स्कूल वाहनों के पहिये
भरुच, गुजरात (बीके पाण्डेय)। राज्य सरकार द्रारा स्कूल वाहनों के लिए कड़े नियम लागू करने से किराया दोगुना करने वाली स्थिति को लेकर भरुच जिले के स्कूल वाहनों के निजी वाहन रखने वाले संचालकों ने मंगलवार से तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। इससे तीन सौ से ज्यादा स्कूल वाहनों का पहिया थम जायेगा। भरुच शहर व जिले में कई परिवार स्कूल में वाहन लगाकर जीवन निर्वाह करते हैं।
राजकोट अग्निकांड के बाद नए शैक्षणिक सत्र से राज्य सरकार ने बालकों की सुरक्षा के लिए स्कूल वाहनों पर करारा नियम लागू कर दिया है जिसका स्कूलल वाहन चालकों की ओर से जोरदार विरोध किया जा रहा है। इसमें प्राईवेट पासिंग के वाहन जो स्कूल में चलते हैं उन्हे मेक्सी पासिंग का टैक्स नही स्वीकार हो पायेगा व यह लोग इसे भरने को भी तैयार है मगर इसका बोझा अभिभावकों के उपर ही आयेगा। भरुच जिले में 300 से ज्यादा स्कूलों में वैन चालक निजी वाहनों का उपयोग करते हैं। वर्तमान में भरुच में स्कूल वैन चालकों द्रारा प्रति बालक छह सौ रुपये से लेकर आठ सौ रुपया मासिक किराया लेते हैं।
टैक्स के साल में चालीस से पैतालिस हजार रुपया होने से प्रति बालक 1200 से 1500 रुपया किराया लेने वाली स्थिति बन गई है। अगर वैन चालक की ओर से किराया बढ़ाया जाता है तो अभिभावक इस भार को नही उठा सकते हैं। रविवार की देर शाम को स्कूल वैन चालक जाडेश्वर नीलकंठ महादेव मंदिर में एकत्र हुए व सरकार की ओर से राहत देने की मांग की। मंगलवार से तीन दिन तक भरुच में हड़ताल की घोषणा की गई। तीन दिन की हड़ताल के बाद भी अगर सरकार स्कूल वैन चलाकर आजीविका पाने वाले वैन चालकों के लिए आर्थिक राहत नही की तो अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का भी ऐलान किया गया। मंगलवार से अभिभावकों को अपनी संतानों को तीन दिन तक स्कूल छोडऩे व लाने के लिए खुद ही जाना होगा।
इनका कहना है
स्कूल वैन संचालक यूनियन के प्रमुख शैलेष पटेल ने कहा कि मंगलवार से तीन दिनों तक स्कूल वैन के चालक हड़ताल पर रहेंगे। स्कूल वैन चालक सरकार का नियम पालन करने को तैयार हैं मगर टैक्स साल का चालीस से पैतालिस हजार रुपया आ रहा है व इसका बोझा अभिभावकों को ही उठाना होगा। मंगलवार को आरटीओ व पुलिस विभाग से अपील की जायेगी।













Post a Comment
0 Comments