गायत्री शक्तिपीठ पर श्रद्धापूर्वक मनाया गया गायत्री जयंती का पर्व
बस्ती, 16 जून। आज वेद माता गायत्री व भारतवर्ष की जीवनदायनी मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण दिवस है। गायत्री विश्व की शास्वत अधिष्ठात्री देवी हैं। आर्यावर्त में सनातन समाज में सर्वदेवों में प्रथम पूज्य यदि कोई हैं तो वह विश्व माता गायत्री ही है। उनके बिना कुछ भी संभव नहीं है, गायत्री आदि, अंत और भविष्य है। उक्त बातें आज गायत्री शक्तिपीठ बस्ती पर मुख्य अतिथि का दायित्व संभाल रहे पूर्वांचल विदवत परिषद् के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ तिवारी ने कही।
विषय परिवर्तन करते हुए गायत्री शक्तिपीठ के ट्रस्टी, विचारक ज्योतिषी पंडित रामचंद्र शुक्ल ने कहा ब्रह्मांड नियत्ता माँ गायत्री हैं। ब्रह्मा, विष्णु,शिव त्रिदेव भी इनकी आराधना करते हैं। विश्व का कल्याण अगर किसी एक मंत्र में निहित है तो वह है महामंत्र गायत्री। नाशा के वैज्ञानिकों ने भी अंतरिक्ष विज्ञान व अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा स्वतः प्रमाणित है। उन्होंने कहा गायत्री सब में निहित है, आदि देवताओं, देवी मां आदि का सम्मान मां गायत्री के साथ ही है।
इस अवसर पर ट्रस्टी राम प्रसाद त्रिपाठी ने कहा युग पुरुष श्रीराम शर्मा आचार्य ने यहां की शिला पूजन में सहभाग किया था। इसलिए यह बस्ती वासियो के लिए युग तीर्थ से कम नहीं है। कार्यक्रम का समापन प्रसाद और भंडारे के साथ संपन्न हुआ जिसमे हजारो की संख्या में लोगो ने प्रसाद ग्रहण किया। शहर के बहनों ने अखंड जप का कार्य श्रद्धा पूर्वक संपन्न किया संगीत प्रज्ञा चौरसिया ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉक्टर दिव्या तिवारी, जगदंबिका पांडे, सर्वेश श्रीवास्तव, के के पांडेय, कपिल देव मिश्रा, श्याम पांडे, महेश्वरानंद, राजकुमार,मोनू, संतोष, दिनेश, श्रवण कुमार,शिवम्, स्वामी दयाल, त्रिलोकी, रमेश तिवारी आदि ने सहयोग किया।













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