मुरादाबाद में घूसखोर दीवान को एण्टी करप्शन टीम ने निपटाया
Anti corruption team tackled bribe taking Diwan in Moradabadयूपी डेस्कः मुरादाबाद में दरोगा की घूस को अपने हाथ में लेने वाले दीवानजी को ऐन वक्त पर एण्टी करप्शन टीम ने दबोच लिया। टीम ने हेड कॉन्स्टेबल को थाने के अंदर ही रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। मामला मुरादाबाद की बिलारी Kotwali का है। सच्चाई ये है कि एंटी करप्शन टीम दरोगा को पकड़ने निकली थी जिसकी शिकायत दर्ज कराई गई थी। लेकिन ऐन वक्त पर दरोगा ने पीड़ित से कहा कि जाओ, दीवानजी को पैसे दे दो, काम हो जाएगा।
शिकायतकर्ता ने जैसे ही हेड कॉन्स्टेबल को रकम दी, पहले से मुस्तैद एंटी करप्शन की टीम ने उसे दबोच लिया। जिस दरोगा की शिकायत की गई थी उसे वक्त की नजाकत समझते देर नही लगी, वह भाग खड़ा हुआ। एंटी करप्शन ने दरोगा रवि प्रकाश और रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़े गए हेड कॉन्स्टेबल कौशल कुमार के खिलाफ कुंदरकी थाने में केस दर्ज कराया है। वीडियो और फोटो में दिख रहा उपनिरीक्षक रवि प्रकाश है। उसने मारपीट के मामले में 2 भाइयों के नाम निकालने की एवज में 20 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी। एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि बिलारी थाना क्षेत्र में सिहारी नन्दा निवासी मितेंद्र सिंह ने एंटी करप्शन में बिलारी थाने के दरोगा रवि प्रकाश की शिकायत की थी।
वह 5000 रुपया पहले ही दे चुका था, बाकी के 15 हजार जल्दी देने का वादा किया था। एंटी करप्शन विभाग ने मितेंद्र की शिकायत पर दरोगा रवि प्रकाश को ट्रैप करने के लिए एक टीम का गठन किया। इस टीम को इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह लीड कर रहे थे। टीम ने केमिकल लगे 15 हजार रुपए के नोट मितेंद्र सिंह को देकर बिलारी थाने भेजा। पीछे से टीम भी आसपास छुप गई। मितेंद्र ने जब दरोगा रवि प्रकाश को रुपए देने की पेशकश की तो उसने कहा कि रकम जाकर मेरे हलके के हेड कॉन्स्टेबल कौशल कुमार को दे दो। इसके बाद मितेंद्र यादव केमिकल लगे नोट लेकर हेड कॉन्स्टेबल के पास पहुंचा और जैसे ही उसने पैसे पकड़े, एंटी करप्शन टीम ने उसे तुरंत रंगे हाथों धर दबोचा। जबकि दरोगा रवि प्रकाश थाने से भाग गया।













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