यूपी में पुलिस का गुण्डाराज, लाकप में मौत, 10 लाख की आर्थिक मदद से घाव भरने की कोशिश Police hooliganism in UP, death in lockup, trying to heal wound with financial help of Rs 10 lakh
इस बीच, सपा नेता पूजा शुक्ला भी घटना का विरोध करने पहुंचीं। वह बीच सड़क पर बैठ गईं। पुलिस ने उनको घसीटकर वहां से हटाया और हिरासत में ले लिया। बीकेटी से भाजपा विधायक योगेश शुक्ला भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने माना कि पुलिस से गलती हुई है। उन्होंने मृतक की मां और पत्नी को 1 लाख रुपए के चेक दिया। चिनहट थाने के एसओ अश्विनी चतुर्वेदी को सस्पेंड कर दिया गया है। मोहित की मां ने विधायक से कहा- पुलिस ने मेरे बेटे को तड़पा-तड़पा कर मार डाला। बताया जा रहा है पूरी घटना 600 रुपए के लेन-देन से शुरू हुई थी। मोहित और उसके साथी आदेश के बीच झगड़ा हुआ। आदेश ने पुलिस बुलाई। मोहित (32) को पुलिस पकड़कर थाने ले गई। भाई शोभाराम छुड़ाने पहुंचा तो उसे भी लॉकअप में बंद कर दिया।
शोभाराम ने बताया, रात में पुलिस ने मोहित और मेरी पिटाई की, जिससे मोहित पांडेय की मौत हो गई। विधायक योगेश शुक्ला के साथ परिजनों ने सीएम योगी से मुलाकात की, उन्होने पीड़ित परिजनों को 10 लाख चेक सौंपा औा कार्यवाही का भरोसा दिलाया। बहराइच में रामगोपाल मिश्रा की मौत के बाद भी परिजनों को 10 लाख की सहायता दी गई थी, इसके साथ ही सरकारी आवास और नौकरी देने का वादा किया गया था। इससे पहले अमेठी में दलित टीचर, उसकी पत्नी और दो बच्चों की मौत के बाद भी परिवार को 38 लाख की मदद सीएम योगी ने की थी। एक घर और 5 बीघ जमीन देने का वादा किया गया है। आप अंदाजा लगा सकते हैं बेहद खराब हो चुकी कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने तथा पुलिस की कार्यशैली सुधारने की बजाय सरकार कितनी आसानी से लोगों के जान की कीमत लगा रही है।













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