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डा. वी.के. वर्मा से जानिये डेंगू से बचाव के उपाय

डा. वी.के. वर्मा से जानिये डेंगू से बचाव के उपाय Dr. V.K. Know the measures to prevent dengue from Verma



यूपी के कई जिलों में डेंगू
बुखार के मरीज मिल रहे हैं। अब तक हजारों संक्रमित पाये गये हैं। बस्ती में जिला अस्पताल के आयुष चिकित्साधिकारी डा. वी.के. वर्मा से डेंगू बुखार के लक्षण, बचाव और घरेलू उपचार के बारे में बात की गयी। उन्होने कहा डेंगू बुखार से बचने के लिये खुद सावधान होना पड़ेगा। यह एडीज मच्छरों के काटने से होता है। ये मच्छर 2 फिट से ऊपर नही उड़ते, इसलिये अंगों को ढककर रखें, वरना नारियल का तेल लगायें। डेंगू होने पर टीएलसी काउण्ट घट जाता है, 3 हजार से कम है तो डेंगू हो सकता है। बेहतर होगा कि हम अपने आसपास डेंगू मच्छरों को न पनपने दें। कानपुर, प्रयागराज, बस्ती, गोरखपुर में डेंगू मरीजों को लेकर प्रशासन सतर्क है।


राजधानी में डेंगू

इस सीजन में अब तक अकेले लखनऊ में 1428 मरीजों की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आ चुकी हैं। महज 19 दिन के अंदर 1000 केस रिपोर्ट हुए हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। हालांकि स्वास्थ्य महकमे की ओर से बार बार अपील की जा रही है कि पैनिक होने की जरूरत नही है। सही समय से इलाज होने पर रिकवरी जल्दी होती है।


बस्ती में डेंगू

बस्ती में भी डेंगू ने दस्तक दी है। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार अब तक इस सीजन में कुल 47 मरीज चिन्हित हुये। लेकिन किसी को एडमिट करने की जरूरत नही हुई। इनमे 7 मरीज बाहर के हैं जो बस्ती में रहते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रमाशंकर दूबे ने बताया कि सभी मरीज अपने घर पर रहकर ही उचित देखरेख में रिकवर हो रहे हैं। उन्होने कहा भयभीत होने की जरूरत नही है। समय रहते चिकित्सक के संपर्क में आकर इलाज शुरू करना बेहतर होगा।


जानें लक्षण

तेज बुखार व सिरदर्द, हाथों-पैरों में दर्द, भूख न लगना, जी मचलाना, उल्टी और दस्त, आंखों में दर्द, कमजोरी और थकावट, जोड़ों में दर्द, त्वचा पर लाल धब्बे पड़ना, नाक से खून आना आदि डेंगू बुखार के लक्षण हो सकते हैं। इन लक्षणों के दिखते ही किसी सक्षम चिकित्सक के संपर्क में आना चाहिये।


कैसे करें बचाव

डेंगू एक संचारी रोग है जो मच्छरों द्वारा एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है। इसके लिये कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है ऐसे में बचाव का सिर्फ एक तरीका है खुद को मच्छरों से बचाकर रखना। आप मॉस्किटो रेपलेंट्स, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। अपने घर के दरवाजे और खिड़कियों को शाम होने से पहले बदं कर दें। शरीर को पूरी तरह से कवर करने वाले कपड़े पहनें। अपने आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। कूलर का पानी बदलते रहें। गमलों, टूटे फूटे बर्तनों, पुराने टायरों, जानवरों के भोजन के पात्र, प्लास्टिक के डिब्बों आदि में पानी न इकट्ठा होने दें। पानी को ढंक कर रखें। ऐसी जगहों पर ही मच्छर अंडे देते हैं। यदि कोई खुला जल स्रोत है, जिसे आप हटा नहीं कर सकते हैं, तो उसे या तो ढंक दें या फिर उपयुक्त कीटनाशक अप्लाई करें।


होम्योपैथी में है रामबाण इलाज

इयूपिटोरियमपर्फ, आरसेनिक एलबम, चाइना, नैट्रम्योर, एकोनाइट, बेलाडोना, रसटास्क, डलकामारा, नक्सबोम आदि दवायें लक्षण के अनुसार उचित पॉवर में सक्षम चिकित्सक की देखरेख में ली जा सकती हैं। होम्योपैथी सरल, सहज और आसानी से उपलब्ध होने वाली सस्ती चिकित्सा पद्धति है जो समय रहते शुरू की जाये तो बड़ी क्षति को रोकने में सक्षम है।


घरेलू उपाय

डा. वी.के. वर्मा कहते हैं डेंगू बुखार में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से घटने लगती है इसलिए अपनी डाइट में आयरन से भरपूर फलों व सब्जियों को शामिल करना चाहिये। पपीता खाएं या आप इसकी ताजी पत्तियों के जूस निकाल कर पी सकते हैं। इससे इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है और खून में प्लेटलेट काउंट तेजी से बढ़ते हैं। इस बुखार में नारियल पानी, बकरी का दूध, किवी फल, पपीता की फुनगी, का सेवन भी काफी फायदेमंद हो सकता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व व मिनरल्स इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर रिकवरी में मदद करते हैं।


तुलसी, काली मिर्च को 1 कप पानी में डालकर अच्छी तरह उबालें। फिर इसे ठंडा करके दिन में 4 से 5 बार पिएं। इससे भी इम्यून सिस्टम मजबूत होगा और डेंगू से छुटकारा मिलेगा। गिलोय का जूस खून में व्हाइट ब्लड सेल्स बढ़ाने में काफी मददगार है। डेंगू के मरीज को नियमित रूप से गिलोय का रस पीना चाहिये, इससे उसकी तबीयत में जल्दी सुधार होगा। 1 गिलास गाजर के जूस में 3-4 चम्मच चुकंदर का रस मिलाकर मरीज को दें। इससे प्रतिरोधी क्षमता बढ़ती है। डेंगू के मरीज को लाल फल और सब्जियां जैसे- टमाटर, प्लम, तरबूज, चेरी आदि का सेवन करना चाहिये। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा भरपूर होती है, जिससे शरीर में ब्लड सेल्स की मात्रा तेजी से बढ़ने लगती है।


इक्सपर्ट परिचय

डा. वी.के. वर्मा, जिला अस्पताल बस्ती में तैनात आयुष विभाग के नोडल अधिकारी हैं। आपने करीब 35 साल के चिकित्सा अनुभवों के आधार पर लाखों रोगियों का सफल इलाज किया है। इन्होने बस्ती से फैजाबाद मार्ग पर पटेल एस.एम.एच. हॉस्पिटल एवं पैरामेडिकल कालेज, बसुआपार में डा. वी.के. वर्मा इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस सहित कई विद्यालयों की स्थापना की है। खास बात ये है कि इनके अस्पताल में दवाओं के अतिरिक्त रोगियों से कोई चार्ज नही लिया जाता। दवाओं के भुगतान में भी डा. वर्मा गरीबों, पत्रकारों, साहित्यकारों की मदद किया करते हैं। इनकी सेवाओं या परामर्श के लिये इस नम्बर पर संपर्क किया जा सकता है। मो.न. 9415163328
कन्टेन्ट राइटरः अशोक श्रीवास्तव

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