बहराइच में नही चलेगा बुलडोजर, हाइकोर्ट ने लगाया ब्रेक Bulldozer will not run in Bahraich, High Court puts brakes
यूपी डेस्कः मूर्ति विसर्जन के दौरान बहराइच में हुई हिंसा का आज 8वां दिन है। महराजगंज में जिस घर को अपने से बनाया और सजाया संवारा उसे लोग खुद अपने हाथों से तोड़ रहे हैं। ऐसा न करने पर सोमवार को योगी सरकार का बुलडोजर उनको ध्वस्त कर देगा। लोग अपनी गाढ़ी कमाई का ईट और सरिया बचाना चाहते हैं। बुलडोजर चला तो ईंट-सरिया भी मलबे में चला जाएगा।
18 अक्टूबर की रात को पीडब्लूडी विभाग ने 23 घरों पर अतिक्रमण का नोटिस चस्पा किया था। इसमें 3 दिन का वक्त दिया था कि अतिक्रमण हटा लीजिए अन्यथा, इसे तोड़ा जाएगा। महराजगंज ही वह जगह है जहां से हिंसा शुरु हुई थी। जिन 23 घरों में नोटिस चस्पा किया गया है, उसमें 20 मुस्लिम और 3 हिंदुओं के घर हैं। एक घर अब्दुल हमीद का है, जो राम गोपाल मिश्रा की हत्या में आरोपी है। बाकी, 22 घरों के लोगों का अब तक हिंसा से कनेक्शन सामने नहीं आया है। दूसरी ओर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बहराइच के महराजगंज में बुलडोजर एक्शन पर रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट ने पीड़ितों को पीडब्लूडी के नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया है। साथ ही हाईकोर्ट ने पीडब्लूडी से जवाब मांगा कि जिस रोड के किनारे बसे घरों और दुकानों पर नोटिस चस्पा किया गया है वो रोड शहरी है, ग्रामीण है या हाईवे की है। वहीं, पीडब्ल्यूडी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। इसमें बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने के निर्देश देने की मांग की गई है। बहराइच हिंसा से जुड़े 3 आरोपियों और रिश्तेदारों ने याचिका दाखिल की है। इसमें मुख्य आरोपी अब्दुल हमीद की बेटी भी है। इधर, बुलडोजर का इतना खौफ है कि महराजगंज में लोगों ने खुद अपने घरों को तोड़ना शुरू कर दिया। लोगों को डर है कि अगर बुलडोजर चला तो फिर मकान में लगा ईंट-सरिया भी मलबे में चला जाएगा।













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