S.O. पैकोलिया पर कानून की अनदेखी का आरोप, C.W.C. ने मांगा स्पष्टीकरण S.O. Pakolia accused of ignoring law, C.W.C. asked for clarification
पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने की कार्यवाही करते हुए बालक को खोजना शुरू कर दिया। पुलिस के प्रयास से बच्चा जनपद के ही एक बाजार में घूमता हुआ मिल गया। पुलिस ने बालक को बरामद करते हुए बिना विधिक प्रक्रिया पूर्ण किये बच्चे को उसके परिजनों को सौंप दिया,इतना ही नहीं बच्चे का क्षाया चित्र तथा उसकी पहचान भी उजागिर कर दिया गया। गौरतलब है कि नाबालिग से सम्बंधित जानकारी तथा उसकी पहचान उजागर करना जे जे एक्ट की धारा 74(3) का उल्लंघन है, तथा इसको लेकर सर्वोच्च न्यायालय भी अति गंभीर है। इस प्रकरण के अखबार में प्रकाशित होने पर न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय कुमार श्रीवास्तव, डा संतोष कुमार श्रीवास्तव, मंजू त्रिपाठी ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दोनों जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब किया है। इस सम्बन्ध में न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक ने कहा कि न्याय पीठ के बालकों के सर्वोत्तम हित लिए प्रतिबद्ध है, बालकों का हित ही न्याय पीठ के लिए सर्वोपरि है।












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