बरेली में फिरौती के लिये लेखपाल का मर्डर, 18 दिन बाद मिली लाश
Lekhpal murdered for ransom in Bareilly, body found after 18 days
यूपी डेस्कः 27 नवम्बर से लापता लेखपाल मनीष कश्यप की लाश नाले से बरामद हुई है। हत्या के पीछे परिजनों से फिरौती वसूल किया जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुये आरोपियों की निशानदेही पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लेखपाल के शव के अवशेष रविवार को बरेली के कैंट थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में सुनसान इलाके में नाले में मिले।
नाले के पास से लेखपाल की खोपड़ी का कंकाल और कुछ हड्डियां बरामद हुए। मौके से उसके कपड़े भी बरामद हुए है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि 27 नवंबर को लेखपाल के तहसील से घर न पहुंचने पर गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। परिजनों के कहने पर 9 दिसंबर को फरीदपुर से फतेहगंज पश्चिमी थाने पर विवेचना ट्रांसफर की गई। एसपी क्राइम मुकेश प्रताप सिंह के सुपरविजन में एसओजी, सर्विलांस टीम साइबर सेल और थाने की टीम ने रविवार को 34 साल के अवधेश उर्फ ओमवीर कश्यप निवासी कपूरपुर से पूछताछ करने पर इसकी निशानदेही पर थाना कैंट अंतर्गत नाले से शव के कुछ अवशेष बरामद हुए। आरोपी ने बताया कि यह लेखपाल मनीष कश्यप के बॉडी के अवशेष है। वही से मृतक के कपड़े भी बरामद किए गए है।
घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार भी बरामद की गई है। पुलिस पूछताछ में ओमवीर ने बताया कि वो पिछले 6 महीने से लेखपाल को जानता था। इसी का फायदा उठाकर 27 तारीख को ओमवीर कश्यप और उसके फुफेरे साले सूरज कश्यप ने लेखपाल को कॉल करके शराब पीने के बहाने से फरीदपुर फाटक के पास बुलाया और अपनी अर्टिगा गाड़ी में बैठाकर मफलर से गला कसकर हत्या कर दी। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि घटना के पीछे इनका मकसद मृतक के परिजनों से पैसे वसूलना था। इस घटना में ओमवीर और सूरज के साथ-साथ ओमवीर की पत्नी के मामा नेत्रपाल कश्यप और ओमवीर के एक और अन्य रिश्तेदार नन्हे कश्यप की संलिप्तता प्रकाश में आई है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।













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