लोक अदालत में हुआ 84456 वादों का निस्तारण
84456 cases were settled in Lok Adalat
बस्ती, 14 दिसम्बर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती के तत्वाधान में आज दिनांक 14 दिसम्बर, 2024 को जनपद न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विनय कुमार द्विवेदी के कुशल मार्गदर्शन में तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती अपर जिला जज अनिल कुमार के प्रभार में जनपद न्यायालय परिसर, सभी ग्राम न्यायालय, सभी तहसील, राजस्व न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।
इसमें जिलाधिकारी रवीश गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक, गोपाल कृष्ण चौधरी एवं जिला कारागार अधीक्षिका सुश्री अंकेक्षिता तथा अन्य विभाग का सराहनीय सहयोग रहा। उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के कुल 84456 वादों का निस्तारण किया गया जिसमें बैंक ऋण व अन्य प्रकार से सम्बन्धित प्री-लिटिगेशन स्तर पर मामलों को एवं न्यायालयों के 60644 वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराया गया। उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा कुल 134 मामलों निस्तारित किए गए जिसमें रू० 31114200 की धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की गई एवं आपराधिक वादों के निस्तारण के फलस्वरूप कुल रू. 273890की धनराशि अर्थदण्ड एवं अन्य मामलों में कुल रू०9168093 इस प्रकार कुल रू० 42373183 की धनराशि वसूल की गई। इसके अतिरिक्त बैंक ऋण के 619 मामलों को निस्तारित कराकर बैंकों द्वारा रू. 27862094 की धनराशि पर समझौता किया गया।
परिवार न्यायालय से कुल 66 मामलें निस्तारित हुए। बरसों से मुकदमा लड़ रहे अनेक दंपत्ति राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौता करके साथ -साथ रहने को सहमत हुए। अनेक उजड़ें हुए घर पुनः बस गए। उक्त लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण अखिलेश दूबे, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कु० आराधना रानी, अपर जिला जज प्रथम शिवचन्द, अपर जिला जज, विशेष न्यायाधीश (ई०सी० एक्ट) राम करन यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष कुमार राय, सिविल जज (सी०डी०) अमित मिश्रा समेत न्यायिक अधिकारीगण ने प्रतिभाग लिया। उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला कारागार, बस्ती में निरूद्ध बन्दियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प कला की प्रदर्शिनी भी लगाई गई, जो आम जन के क्रय हेतु भी उपलब्ध थी एवं कुछ आगंतुकों द्वारा उपलब्ध सामग्रियों को क्रय भी किया गया था। राष्ट्रीय लोक अदालत में वृद्धजन को कम्बल का भी वितरण किया गया एवं आगंतुकों के जलपान हेतु तहरी, खिचड़ी की भी व्यवस्था की गई थी।













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