वीर बाल दिवस पर याद किये गये गुरू गोविन्द सिंह के साहिबजादे
Sahibzaade of Guru Govind Singh remembered on Veer Bal Diwas
बस्ती, 29 दिसम्बर। महरीखावां मोहल्ले में स्थित एस.पी. चिल्ड्रेन एकेडमी में वीर बाल दिवस पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमे वक्ताओं और छात्र छात्राओं ने गुरू गोविन्द सिंह और उनके साहबजादों के अदम्य साहस को याद किया। वरिष्ठ भाजपा नेता गोपेश्वर त्रिपाठी ने छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों ने धर्म और मानवता के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी थी।
मुगलों के खिलाफ जंग में यही साहिबजादे डटकर खड़े हुए थे और जंग में शहीद हो गए थे। गुरु गोबिंद सिंह जी को साल 1705 में मुगल कैद करना चाहते थे। इसलिये गोबिंद सिंह जी को अपने परिवार से अलग होना पड़ा था। गुरु गोबिंद सिंह जी की पत्नी माता गुजरी देवी और उनके दो छोटे पुत्र जोरावर सिंह और फतेह सिंह किसी गुप्त स्थान पर छिप गए थे। उनके दोनों बड़े पुत्रों ने इस दौरान मुगलों से जंग लड़ी थी जिसमें वे शहीद हुये थे। छोटे बेटों को मुगलों ने दीवार में जिंदा चुनवा दिया था।
पुत्रों की शहादत के दुखीं माता गुजरी ने अपने प्राण त्याग दिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने साल 2022 से भारत सरकार ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की, तबसे आज तक यह दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। गोष्ठी को प्रभुप्रीत सिंह, कैलाशनाथ द्विवेदी आदि ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन कात्यायनी दूबे ने किया। इस अवसर पर छात्र छात्राओं ने आत्मरक्षा के लिये दण्ड एवं तलवार का प्रदर्शन किया। सभी प्रतिभागियों को विद्यालय की ओर से उपहार देकर सम्मानित किया गया। जयप्रकाश उपाध्याय, अशोक श्रीवास्तव, अनुराग शुक्ल, संतोष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।











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