देवर भाभी के नाजायज रिश्ते जान गया था मासूम, गंवाई जान
An innocent child came to know about the illicit relationship between brother-in-law and sister-in-law and lost his life
यूपी डेस्कः देवर के साथ अश्लील अवस्था में देख लेने की कीमत 8 साल के मासूम को जान देकर चुकानी पड़ी। मामला आगरा के नया गांव का है। यहां रहने वाले करन सिंह का 8 साल का बेटा रौनक 29 नवंबर शाम करीब 5 बजे अचानक घर के बाहर से लापता हो गया। काफी ढूंढने के बाद भी जब वह नहीं मिला, तो गुमशुदगी की दर्ज करा दी।
2 दिसंबर को सुबह करीब साढ़े 6 बजे मोहल्ले वालों ने घर के पीछे एक बोरे से उसकी लाश बरामद की। उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। फोरेंसिक टीम ने जांच की, तो बच्चे के चाचा भानु के घर की छत और सीढ़ियों पर भी खून के निशान मिले। इससे भानु शक के दायरे में आ गया। उसके बाद उसने बताया कि मैंने भाभी यशोदा के मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। मृतक रौनक के चाचा भानु ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया। बताया-दोपहर करीब 4 बजे रौनक ने उन्हें कमरे में आपत्तिजनक हालत में देख लिया था।
इससे हम दोनों घबरा गए। हमें लगा कि अब तो उनके बारे में सबको पता चल जाएगा। बदनामी से बचने को पहले हमने रौनक को समझाने का प्रयास किया। भाभी ने गुल्लक से उसे 10 रुपए भी निकालकर दिए। लेकिन, उसने कहा कि वो पापा को सब बताएगा। इसके बाद भाभी के कहने पर मर्डर का प्लान बनाया। इसके बाद वो रौनक को दुकान पर लेकर गया। उसे कुरकुरे का पैकेट दिलवाया। भानु ने बताया-जैसे ही कुरकुरे की पैकेट खत्म हुई। मैंने उस पर लगातार 5-6 वार किए। वो जमीन में गिरकर तड़पता रहा।
उसको इतना मारा कि वो मर गया। शव को पहले कमरे में छिपाया। शाम को जब अंधेरा हो गया, तो उसे छत पर लकड़ी के गठ्ठर के नीचे छिपा दिया। भानु ने बताया-जब रौनक के सिर पर प्रहार किया, तो खून के छींटे दीवार पर फैल गई। हत्या के बाद मैंने और यशोदा ने खून को साफ करने के प्रयास भी किया। लेकिन दीवार से खून की छींटे साफ नहीं हुए। बाद में लाश को एक ड्रम रख दिया था, जिससे किसी को शक न हो। भानु ने बताया-लाश छत पर छिपाने के बाद सोचा था कि घर के पास में रहने वाले रिश्तेदार के घर में शव फेंक देंगे।
उससे रंजिश भी है, जिससे लगेगा कि रंजिशन हत्या की गई है। भानु ने बताया-उसके और यशोदा के बीच में 5 साल से अवैध संबंध थे। बड़ा भाई करन घर से बाहर सूरत में रहता था। इसी बीच मेरे और भाभी के बीच में नजदीकियां बढ़ गई थीं। हम दोनों पति-पत्नी की तरह रहते थे। भानु ने बताया- भतीजे की हत्या करने के बाद हमने 3 दिन तक लाश को छत पर ही छिपाए रखा। हम दोनों को लगा कि डॉग स्क्वायड आया, तो लाश का पता चल जाएगा। इसलिए हमने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई और हम दोनों लाश को गली में फेंककर वापस घर आ गए।













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